PM मोदी के इस्राइल दौरे से रचे गए नए आयाम: UPI से लेकर रक्षा तक हुए बड़े समझौते, संबंधों को मिला ‘विशेष रणनीतिक’ दर्जा | The Politics Again
“PM मोदी के इस्राइल दौरे ने रचा इतिहास: UPI से लेकर स्पेस तक हुए महा-समझौते, दोनों देशों की दोस्ती को मिला ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा”
यरुशलम/नई दिल्ली (The Politics Again) : शिल्पा की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ऐतिहासिक इस्राइल दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से व्यापक और सार्थक बातचीत की है।
नौ वर्षों में अपनी दूसरी इस्राइल यात्रा पर पहुंचे पीएम मोदी ने दोनों देशों के संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाते हुए इसे ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा देने का ऐतिहासिक एलान किया।
इस दौरे पर दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक, डिजिटल भुगतान (UPI) और कृषि समेत कई अहम क्षेत्रों में बड़े समझौते हुए हैं।
| सहयोग का क्षेत्र | समझौते और फैसलों के मुख्य बिंदु |
| डिजिटल भुगतान (UPI) | भारत के NPCI और इस्राइल के Masav के बीच UPI सिस्टम को जोड़ने पर ऐतिहासिक सहमति। |
| व्यापार (FTA) | दोनों देश जल्द ही एक पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देंगे। |
| कृषि और नवाचार | ‘विलेज ऑफ एक्सीलेंस’ और ‘इंडिया-इस्राइल इनोवेशन सेंटर फॉर एग्रीकल्चर’ स्थापित करने का फैसला। |
| साइबर सुरक्षा व AI | साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए हस्ताक्षर; शिक्षा व तकनीक में AI के इस्तेमाल पर जोर। |
| परमाणु ऊर्जा व अंतरिक्ष | सिविल न्यूक्लियर एनर्जी (शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा) और अंतरिक्ष के क्षेत्र में आपसी सहयोग। |
| आर्थिक व वित्तीय सहयोग | IFSCA और इस्राइल सिक्योरिटीज अथॉरिटी के बीच समझौता; चौथे सीईओ फोरम की रिपोर्ट पेश। |
| संस्कृति व धरोहर | सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा और लोथल में ‘राष्ट्रीय समुद्री धरोहर परिसर’ के विकास में सहयोग। |
इस्राइल में भी बजेगा भारत के UPI का डंका
बैठक के बाद सबसे बड़ी घोषणा डिजिटल पेमेंट को लेकर हुई। पीएम मोदी ने बताया कि भारत के ‘भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम’ (NPCI) और इस्राइल के ‘Masav’ के बीच UPI सिस्टम को जोड़ने पर ऐतिहासिक सहमति बन गई है।
इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल लेनदेन बेहद आसान हो जाएगा। इसके अलावा, भारत और इस्राइल ने ‘क्रिटिकल और उभरती प्रौद्योगिकी साझेदारी’ स्थापित करने का भी निर्णय लिया है।
रक्षा, AI और कृषि में बड़े समझौते पीएम मोदी और नेतन्याहू के बीच हुई संयुक्त प्रेस वार्ता में कई अन्य महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी गई:
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सिविल न्यूक्लियर व स्पेस: दोनों देश शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा (Civil Nuclear Energy) और अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपना सहयोग बढ़ाएंगे।
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मुक्त व्यापार समझौता (FTA): दोनों पक्षों ने व्यापार को नई गति देने के लिए जल्द ही एक पारस्परिक रूप से लाभकारी एफटीए को अंतिम रूप देने पर जोर दिया।
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कृषि और नवाचार: खेती को भविष्य के अनुकूल बनाने के लिए ‘विलेज ऑफ एक्सीलेंस’ और ‘इंडिया-इस्राइल इनोवेशन सेंटर फॉर एग्रीकल्चर’ स्थापित किए जाएंगे।
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साइबर सुरक्षा और AI: ‘साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना के साथ-साथ शिक्षा व तकनीक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर समझौते हुए।
आतंकवाद पर कड़ा प्रहार, शांति का समर्थन
पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने दो टूक शब्दों में कहा, “दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और इस्राइल मिलकर आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे।
इसके साथ ही पीएम मोदी ने गाजा शांति योजना का समर्थन करते हुए कहा कि मानवता कभी भी युद्ध और संघर्ष की शिकार नहीं बननी चाहिए।
पीएम मोदी को मिला सर्वोच्च सम्मान
इस ऐतिहासिक दौरे पर पीएम मोदी को ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी ने ‘शलोम’ और ‘नमस्कार’ के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए इस बड़े सम्मान को भारत के 140 करोड़ लोगों और भारत-इस्राइल की अटूट दोस्ती को समर्पित किया।
वैश्विक मंचों पर साथ चलेंगे दोनों देश
भारत और इस्राइल ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) और I2U2 (भारत-इस्राइल-यूएई-अमेरिका) जैसे वैश्विक मंचों पर सहयोग को और तेजी से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
इस दौरे ने साबित कर दिया है कि भारत और इस्राइल की साझेदारी केवल रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह विकास, शांति और वैश्विक सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ बन चुकी है।










