परिसीमन पर संग्राम: लोकसभा में 850 सीटों का प्रस्ताव आज होगा पेश
परिसीमन पर महासंग्राम: लोकसभा की सीटें 850 करने की तैयारी, सरकार ने दूर की दक्षिण के राज्यों की चिंता; संसद में आज पेश होंगे 3 अहम बिल
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रस्तावित परिसीमन (Delimitation) को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच घमासान तय हो गया है।
गुरुवार (16 अप्रैल) से शुरू हो रहे संसद के विस्तारित विशेष सत्र में सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण को अमली जामा पहनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दल इस परिसीमन के तरीके का कड़ा विरोध कर रहे हैं।
विपक्ष के सामने ‘महिला आरक्षण’ की दुविधा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण को देश में एक बड़ा मुद्दा बना दिया है। सरकार की रणनीति के कारण विपक्ष अब दोराहे पर खड़ा है।
विपक्षी दल महिला आरक्षण का सीधा विरोध करने का जोखिम नहीं उठा सकते, लेकिन वे मौजूदा परिसीमन के प्रस्ताव पर पीछे हटने को भी तैयार नहीं हैं।
संसद के विस्तारित सत्र में पेश होंगे ये 3 ऐतिहासिक विधेयक
संसद के इस तीन दिवसीय विस्तारित सत्र के पहले ही दिन सरकार लोकसभा और विधानसभाओं में बड़े बदलाव की नींव रखने जा रही है। इसके तहत तीन प्रमुख विधेयक पेश किए जाएंगे:
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संविधान (131वां) संशोधन विधेयक-2026: इसके जरिए लोकसभा और विधानसभाओं की सीटें बढ़ाई जाएंगी। महिला आरक्षण भी इसी संविधान संशोधन का मुख्य अंग होगा।
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परिसीमन विधेयक-2026: इसके जरिए परिसीमन आयोग के गठन और प्रक्रियाओं का निर्धारण होगा।
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संघ शासित क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक-2026: यह केंद्र शासित प्रदेशों में सीटों के पुनर्गठन से संबंधित है।
दक्षिण भारतीय राज्यों की आशंकाएं और सरकार का स्पष्टीकरण
परिसीमन को लेकर सबसे बड़ा विरोध दक्षिण भारतीय राज्यों से आ रहा है। दक्षिण के राज्यों को डर है कि जनसंख्या नियंत्रण (Population Control) में उनके बेहतर प्रदर्शन के कारण, नई आबादी के आधार पर होने वाले परिसीमन में उत्तर भारत की तुलना में उनकी लोकसभा सीटें घट सकती हैं।
सरकार ने इन आशंकाओं को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है:
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सीटों में कटौती नहीं: किसी भी राज्य की सीटों में कटौती का सवाल ही नहीं उठता। देश के किसी भी हिस्से, विशेषकर दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा।
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एकसमान 50% की वृद्धि: सीटों की बढ़ोतरी हर राज्य के लिए एकसमान 50 फीसदी की दर से की जाएगी।
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अधिकतम 850 सीटें: लोकसभा में सीटों की अधिकतम सीमा 850 तय कर दी गई है, जिसे किसी भी हाल में आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
2011 की जनगणना होगा आधार
सरकार का तर्क है कि 1976 के बाद से देश में लोकसभा सीटों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए एक स्पष्ट और नया परिसीमन समय की मांग है।
यह परिसीमन प्रक्रिया आखिरी प्रकाशित जनगणना यानी 2011 के आंकड़ों के आधार पर पूरी की जाएगी।
राज्यों के लिए सीटों की सटीक संख्या अभी तय नहीं है। हर राज्य के लिए एक अलग ‘परिसीमन आयोग’ बनेगा, जो राज्य के सभी राजनीतिक दलों से विस्तृत चर्चा के बाद ही सीटों का अंतिम निर्धारण करेगा।
संसद के विस्तारित सत्र का पूरा शेड्यूल:
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16 अप्रैल: लोकसभा में तीनों विधेयकों को पेश किया जाएगा और उन पर चर्चा शुरू होगी। इसके लिए कुल 18 घंटे का समय तय किया गया है।
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17 अप्रैल: चर्चा पूरी होने के बाद लोकसभा में इन विधेयकों पर मतदान होगा और प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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18 अप्रैल: लोकसभा से पास होने के बाद इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। उच्च सदन में 10 घंटे की चर्चा के बाद मतदान कराया जाएगा।










