ट्रंप के चीन दौरे के बीच PM मोदी का UAE में ‘मास्टरस्ट्रोक’
ट्रंप के चीन दौरे के बीच PM मोदी का बड़ा दांव: UAE पहुंचे प्रधानमंत्री, बोले- ‘मैं अपने दूसरे घर आया हूं, भारत हर कदम पर आपके साथ’
अबू धाबी/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
इस वक्त पूरी दुनिया की नजरें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे पर टिकी हुई हैं। अमेरिका और चीन के बीच चल रही टकराहट वैश्विक सुर्खियां बनी हुई है।
लेकिन इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी 5 देशों की यात्रा के पहले पड़ाव (UAE) से एक ऐसा रणनीतिक दांव चला है, जिसने दुनिया के तमाम शक्तिशाली देशों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में फैले तनाव के बीच पीएम मोदी का यूएई (UAE) दौरा भारत की सबसे बड़ी कूटनीतिक तैयारी माना जा रहा है।
दुनिया इस संकट से डर रही है, वहीं पीएम मोदी इसे भारत के लिए ‘सबसे बड़े मौके’ में बदलने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
“ब्रदर, मैं अपने दूसरे घर आया हूं…”
अबू धाबी पहुंचने पर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने पीएम मोदी का बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया।
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति को ‘ब्रदर’ (Brother) कहकर संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा,
“ब्रदर, इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। जैसा आपने कहा, मैं अपने दूसरे घर आया हूं… ये शब्द, ये भाव मेरे जीवन की बहुत बड़ी पूंजी हैं। आज जिस प्रकार से आपकी वायु सेना के जहाजों ने मुझे एस्कॉर्ट किया, ये भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान है।”
पीएम ने यूएई में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा पर भी अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
हमलों की कड़ी निंदा, UAE के साहस को सलाम
पीएम मोदी ने यूएई पर हुए हालिया हमलों का कड़ा विरोध करते हुए स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा, “यूएई पर हुए हमलों की हम कठोर निंदा करते हैं। यूएई को जिस तरह निशाना बनाया गया है, ये किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। ब्रदर, इन कठिन परिस्थितियों में आपने जिस संयम, साहस (Courage) और इच्छाशक्ति (Will) का परिचय दिया है, वह बहुत ही सराहनीय है।”
पश्चिम एशिया संकट और ‘डायलॉग-डिप्लोमेसी’ का मंत्र
वैश्विक हालात पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में युद्ध का प्रभाव आज पूरे विश्व पर दिखाई दे रहा है।
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कूटनीति पर जोर: भारत ने हमेशा समस्याओं के समाधान के लिए ‘डायलॉग और डिप्लोमेसी’ (संवाद और कूटनीति) को प्राथमिकता दी है।
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समुद्री सुरक्षा: समुद्री मार्गों को फ्री, ओपन और सेफ (स्वतंत्र, खुला और सुरक्षित) बनाए रखना भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन आवश्यक है।
भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए जताया आभार
पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति और रॉयल फैमिली का आभार जताते हुए कहा कि संकट के इस कठिन समय में उन्होंने यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय को अपने परिवार के सदस्यों की तरह संभाला है।
बैठक के अंत में पीएम मोदी ने कहा, “ब्रदर, भारत हर परिस्थिति में यूएई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। हमारी कॉम्प्रहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप (Comprehensive Strategic Partnership) अब निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रही है।”











