Supreme Court WFH Circular

PM मोदी की अपील का असर: सुप्रीम कोर्ट में WFH लागू

PM मोदी की अपील का दिखा बड़ा असर: सुप्रीम कोर्ट में लागू हुआ ‘वर्क फ्रॉम होम’; सोमवार-शुक्रवार को ऑनलाइन होगी सुनवाई, जज करेंगे कार-पूलिंग”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में ऊर्जा संकट से निपटने और ईंधन बचाने की गई अपील का अब सबसे बड़ा और सकारात्मक असर देश की सर्वोच्च अदालत में देखने को मिला है।

पीएम मोदी की अपील और केंद्र सरकार के एक आदेश के बाद, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कामकाज के तरीके में बड़े बदलाव करते हुए एक नया सर्कुलर जारी किया है।

इस ऐतिहासिक फैसले के तहत अब सुप्रीम कोर्ट में कई मामलों की सुनवाई ऑनलाइन होगी, कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ (Work From Home) दिया जाएगा और जज भी ईंधन बचाने के लिए ‘कार-पूलिंग’ करेंगे। इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल भारत पराशर की तरफ से जारी किए गए इस सर्कुलर के अनुसार, अदालत की सुनवाई प्रक्रिया में अहम बदलाव किए गए हैं:

  • मिसलेनियस डेज पर ऑनलाइन सुनवाई: अब सोमवार, शुक्रवार और दूसरे ऐसे दिन जिन्हें “मिसलेनियस डे” (Miscellaneous Day) कहा जाता है, उन दिनों मुकदमों की सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए ही होगी।

  • आंशिक कार्य दिवस: कोर्ट के आंशिक कार्य दिवसों (Half Working Days) में भी सुनवाई पूरी तरह से ऑनलाइन ही की जाएगी।

  • कोर्ट प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिंक समय पर भेजे जाएं और तकनीकी व्यवस्था को मजबूत रखा जाए ताकि वकीलों और वादियों को कोई परेशानी न हो।

जज पेश करेंगे नजीर, करेंगे ‘कार-पूलिंग’

सुप्रीम कोर्ट के जजों ने ईंधन बचाने की इस मुहिम में खुद आगे आकर एक बड़ी नजीर पेश करने का फैसला लिया है।

जज अब अलग-अलग गाड़ियों के बजाय जरूरत के मुताबिक एक ही गाड़ी में साथ सफर करेंगे, जिसे ‘कार-पूलिंग’ (Car Pooling) कहा जाता है।

कर्मचारियों के लिए 50% ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू

सर्कुलर में कोर्ट कर्मचारियों के लिए भी बड़ी राहत और बदलाव की घोषणा की गई है:

  • हफ्ते में 2 दिन WFH: सुप्रीम कोर्ट की हर शाखा और सेक्शन में 50 फीसदी तक कर्मचारियों को हफ्ते में दो दिन घर से काम (Work From Home) करने की अनुमति दी गई है।

  • 50% स्टाफ रहेगा मौजूद: कोर्ट का कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए बाकी 50 फीसदी कर्मचारियों को दफ्तर में मौजूद रहना होगा।

कर्मचारियों के लिए शर्तें और नियम

आदेश में यह भी साफ किया गया है कि जिन कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा मिलेगी, उनके लिए कुछ शर्तें लागू होंगी:

  1. उन्हें फोन पर हमेशा उपलब्ध रहना होगा।

  2. जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत दफ्तर आना पड़ सकता है।

  3. अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी जरूरी काम समय पर पूरे हों।

  4. अगर किसी शाखा में काम का दबाव ज्यादा है और वहां घर से काम करना ठीक नहीं माना जाता, तो संबंधित ‘रजिस्ट्रार’ उस शाखा में वर्क फ्रॉम होम की इस व्यवस्था को बदल या सीमित कर सकता है।

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला देश के अन्य संस्थानों के लिए भी ऊर्जा बचाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

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