PM Modi highlights ancient Indian wisdom by sharing eight essential virtues for a meaningful and disciplined life.
पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषितम्, बताए चरित्र निर्माण के 8 आवश्यक गुण”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय संस्कृति और प्राचीन ज्ञान के महत्व को दोहराते हुए मंगलवार को एक अत्यंत प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया।
अष्टौ गुणाः पुरुषं दीपयन्ति प्रज्ञा सुशीलत्वदमौ श्रुतं च।
पराक्रमश्च बहुभाषिता च दानं यथाशक्ति कृतज्ञता च।। pic.twitter.com/eb4INYRSkV
— Narendra Modi (@narendramodi) August 11, 2026
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए इस श्लोक में व्यक्ति के जीवन को प्रकाशमान करने और एक मजबूत चरित्र का निर्माण करने वाले आठ आवश्यक गुणों का विस्तार से वर्णन किया गया है।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया श्लोक इस प्रकार है: “अष्टौ गुणाः पुरुषं दीप्यन्ति प्रज्ञा सुशीलत्वदमौ श्रुतं च। संयोगश्च बहुभाषिता च दानं यथाशक्ति कृतज्ञता च।।”
प्रधानमंत्री ने इस श्लोक का अर्थ समझाते हुए बताया कि ये आठ गुण किसी भी व्यक्ति के जीवन में उजाला लाते हैं और उसके व्यक्तित्व को पूर्णता प्रदान करते हैं:
प्रधानमंत्री का यह संदेश देशवासियों, विशेषकर युवाओं को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
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