चक्रवात अर्नब (Cyclone Arnab) - तबाही का अलर्ट और सुरक्षा सलाह
चक्रवात ‘अर्नब’ का कहर: आंध्र प्रदेश में उखड़े पेड़, सड़कें जलमग्न; ओडिशा और बंगाल में भी हाई अलर्ट”
The Politics Again डेस्क: संतोष सेठ
भारत के पूर्वी तटों पर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर जारी है।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात के लैंडफॉल की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और इस दौरान 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं।
प्रशासन ने हालात को देखते हुए लोगों को घरों में ही सुरक्षित रहने और समुद्र तटों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
चक्रवात अर्नब का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश में देखा जा रहा है। विजयवाड़ा शहर और इसके आसपास के इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ भारी बारिश हो रही है, जिससे सड़कें जलमग्न हो गई हैं।
काकीनाडा जिले के कोरिंगी इलाके और अन्य जगहों पर तेज आंधी के कारण कई विशाल पेड़ और बिजली के खंभे उखड़कर सड़कों पर गिर गए हैं, जिससे यातायात और संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।
विशाखापत्तनम के आरके बीच पर समुद्र में बेहद ऊंची लहरें उठ रही हैं। खराब स्थिति को देखते हुए पुलिस ने समुद्र तटों पर लोगों की आवाजाही पर पूर्ण रोक लगा दी है।
इसके अलावा कई जिलों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) आने की चेतावनी भी जारी की गई है। खराब मौसम के कारण राज्य में कई उड़ान सेवाएं भी रोक दी गई हैं।
राहत और बचाव के लिए NDRF-SDRF मुस्तैद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हालात की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ (NDRF) की 12 और एसडीआरएफ (SDRF) की 10 विशेष टीमें तैनात कर दी गई हैं।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल भी शरण न लें।
चक्रवात अर्नब के तट से टकराने की प्रक्रिया के बीच ओडिशा में अलर्ट जारी कर दिया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वरिष्ठ वैज्ञानिक संजीव द्विवेदी के अनुसार, “तूफान का केंद्र बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के ठीक दक्षिण में स्थित है।
तूफान के केंद्र में 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जिनके झोंकों की गति 145 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है।”
आईएमडी के अनुसार, यह चक्रवात उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ की ओर रुख करेगा।
इसके प्रभाव से ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों, विशेषकर गंजाम, गजपति, रायगड़ा, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है।
तूफान का दायरा केवल आंध्र और ओडिशा तक सीमित नहीं है। पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले स्थित दीघा समुद्र तट पर तेज हवाओं के साथ लहरें उग्र रूप ले चुकी हैं। राज्य के कई हिस्सों में खराब मौसम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
दूसरी तरफ, दक्षिण में तमिलनाडु के थूथुकुडी के शहरी और उपनगरीय इलाकों में चक्रवात के असर से कोहरा छाया हुआ है।
समुद्र में भारी उथल-पुथल और मौसम विभाग की चेतावनी के बाद थूथुकुडी जिले के मछुआरे एहतियातन लगातार तीसरे दिन मछली पकड़ने के लिए गहरे समुद्र में नहीं गए हैं।
राज्य सरकारों ने तटवर्ती इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है और सभी मछुआरों को समुद्र से दूर रहने का स्पष्ट निर्देश दिया है।
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