नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने अपने लेख में पीएम मोदी के 25 वर्षों के विजन और बुनियादी ढांचे में आए बदलाव की सराहना की।
पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल: राजीव गौबा के लेख में ‘इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति’ का जिक्र, PMO ने किया साझा”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक पद (Public Office) पर 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में आए ऐतिहासिक बदलावों पर एक विशेष लेख लिखा गया है।
नीति आयोग के वर्तमान सदस्य और देश के पूर्व कैबिनेट सचिव श्री राजीव गौबा द्वारा लिखे गए इस लेख को खुद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोमवार को सोशल मीडिया पर साझा किया है।
Shri Rajiv Gauba, Member, NITI Aayog and Former Cabinet Secretary, writes that PM @narendramodi’s 25 years in public office have reshaped how infrastructure is planned and delivered. Moving beyond individual projects, the focus is on an integrated, citizen-centric approach that improves connectivity, ease of living and economic productivity. https://t.co/u0LrVzTtyC
— PMO India (@PMOIndia) October 26, 2026
इस लेख में विस्तार से बताया गया है कि कैसे पीएम मोदी के विजन ने भारत में योजनाओं के निर्माण और उनके क्रियान्वयन (Execution) की पूरी दिशा को बदल कर रख दिया है।
राजीव गौबा ने अपने लेख में स्पष्ट किया है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर एक नई कार्यसंस्कृति का गवाह बना है।
रणनीतिक बदलाव: पहले बुनियादी ढांचे की योजनाएं अलग-अलग टुकड़ों (Isolated Projects) में बनती थीं, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी।
लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में अब एक ‘एकीकृत दृष्टिकोण’ (Integrated Approach) अपनाया गया है।
नागरिक-केंद्रित विकास: लेख में इस बात पर जोर दिया गया है कि अब इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास पूरी तरह से नागरिक-केंद्रित (Citizen-Centric) हो गया है। इसके मूल में नागरिकों की सुविधा और देश का आर्थिक विकास है।
राजीव गौबा ने पीएम मोदी के 25 साल के प्रशासनिक अनुभव का निचोड़ बताते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर विजन के तीन प्रमुख लाभ गिनाए हैं:
बेहतर कनेक्टिविटी (Connectivity): सड़क, रेल, वायु और जलमार्गों का ऐसा जाल बिछाना जो एक-दूसरे से निर्बाध रूप से जुड़े हों।
जीवनयापन में आसानी (Ease of Living): बुनियादी ढांचे का सीधा लाभ आम नागरिक को मिले और उसका रोजमर्रा का जीवन सुगम हो।
आर्थिक उत्पादकता (Economic Productivity): लॉजिस्टिक लागत को कम करके उद्योगों और व्यापार को गति देना, जिससे देश की समग्र आर्थिक उत्पादकता में वृद्धि हो।
इस लेख की महत्ता को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इसे पोस्ट किया। PMO ने लिखा:
“नीति आयोग के सदस्य तथा पूर्व कैबिनेट सचिव श्री राजीव गौबा लिखते हैं कि सार्वजनिक पद पर प्रधानमंत्री @narendramodi के 25 वर्षों के कार्यकाल ने बुनियादी ढांचे की योजनाओं के निर्माण और उसके क्रियान्वयन के तरीके को बिल्कुल नया रूप दिया है। अलग-अलग परियोजनाओं तक ही सीमित रहने के बजाय अब एक ऐसे एकीकृत एवं नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण पर ध्यान दिया जा रहा है जिससे कनेक्टिविटी बेहतर होती है, जीवनयापन आसान होता है और आर्थिक उत्पादकता बढ़ती है।”
| महत्वपूर्ण पहलू (Key Aspects) | विस्तृत विवरण (Details) |
| ✍️ लेख के रचयिता | श्री राजीव गौबा (सदस्य- नीति आयोग एवं पूर्व कैबिनेट सचिव)। |
| 🎯 लेख का मुख्य विषय | सार्वजनिक पद पर पीएम मोदी के 25 वर्षों का कार्यकाल और बुनियादी ढांचे का कायाकल्प। |
| 🔄 कार्यप्रणाली में बदलाव | ‘अलग-अलग परियोजनाओं’ (Siloed Approach) की जगह ‘एकीकृत दृष्टिकोण’ (Integrated Approach) को अपनाना। |
| 👤 विकास का मॉडल | योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में ‘नागरिक-केंद्रित’ (Citizen-Centric) फोकस। |
| 📈 प्रमुख परिणाम (Impact) | विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी, जीवनयापन में आसानी (Ease of Living) और देश की आर्थिक उत्पादकता में वृद्धि। |
| 📱 साझाकर्ता (Shared By) | प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा ‘एक्स’ (X) पर देशवासियों के साथ साझा किया गया। |
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