General Upendra Dwivedi Annual Press Conference

‘ऑपरेशन सिंदूर’ जारी है, पाक की परमाणु धमकियां चकनाचूर: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की पाकिस्तान को दोटूक चेतावनी

“भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आज अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान और चीन को कड़ा संदेश दिया”

नई दिल्ली | 13 जनवरी, 2026, संतोष सेठ की रिपोर्ट 

जनरल द्विवेदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता का विवरण साझा करते हुए स्पष्ट किया कि भारत अब केवल सीमाओं की रक्षा नहीं करेगा, बल्कि दुश्मन के घर में घुसकर उसके आतंक के ढांचे को नेस्तनाबूद करने से भी पीछे नहीं हटेगा।

ऑपरेशन सिंदूर: 88 घंटों में आतंक का साम्राज्य ध्वस्त

सेना प्रमुख ने अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले (26 नागरिकों की मौत) का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी:

  • सटीक कार्रवाई: 7 मई 2025 को शुरू हुए इस ऑपरेशन के शुरुआती 22 मिनट में ही आतंक के ठिकानों पर प्रहार किया गया।

  • 7 ठिकाने तबाह: 88 घंटों की निरंतर कार्रवाई में पाकिस्तान के 9 में से 7 प्रमुख आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।

  • परमाणु धमकियों का अंत: जनरल ने कहा कि इस कार्रवाई ने पाकिस्तान की खोखली परमाणु धमकियों को भी बेअसर साबित कर दिया।

पाकिस्तान को चेतावनी: “8 कैंप अभी भी एक्टिव”

जनरल द्विवेदी ने खुलासा किया कि सीमा पार अभी भी 8 आतंकी कैंप सक्रिय हैं (6 LoC के सामने और 2 इंटरनेशनल बॉर्डर पर)। उन्होंने चेतावनी दी, “ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। अगर पाकिस्तान ने फिर से कोई दुस्साहस किया, तो हमारा जवाब और भी निर्णायक और मुंहतोड़ होगा।”

कश्मीर का बदलता चेहरा: ‘आतंकवाद से पर्यटन’ तक

जम्मू-कश्मीर की आंतरिक सुरक्षा पर बात करते हुए सेना प्रमुख ने उत्साहजनक आंकड़े साझा किए:

  • विदेशी आतंकियों का सफाया: 2025 में मारे गए 31 आतंकियों में से 65% पाकिस्तानी मूल के थे।

  • भर्ती पर लगाम: घाटी में स्थानीय भर्ती लगभग शून्य हो गई है (2025 में केवल 2 भर्ती)।

  • पर्यटन का उदय: अमरनाथ यात्रा में 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आना और रिकॉर्ड पर्यटन यह दर्शाता है कि कश्मीर अब विकास की राह पर है।

LAC और शक्सगाम घाटी पर चीन को घेरा

चीन के साथ संबंधों पर बोलते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि LAC पर स्थिति स्थिर है लेकिन सेना पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने शक्सगाम घाटी में चीन की गतिविधियों और CPEC को ‘अवैध’ करार देते हुए कहा कि भारत अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा।

इनसाइड स्टोरी: क्यों गिड़गिड़ाने लगा था पाकिस्तान? जनरल द्विवेदी ने बताया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के उन 88 घंटों का पूरा सच

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ा एक ऐसा खुलासा किया जिसने सैन्य गलियारों में हलचल मचा दी है। जनरल ने बताया कि 10 मई 2025 की वह सुबह पाकिस्तान के लिए ‘कयामत’ जैसी थी, जब भारतीय तीनों सेनाओं (जल, थल और नभ) के एक साथ बढ़ते कदमों को देखकर इस्लामाबाद के हाथ-पांव फूल गए थे और वह अचानक सीजफायर के लिए मिन्नतें करने लगा था।

कैसे जुड़े ‘डॉट्स’ और क्यों डरा पाकिस्तान?

जनरल द्विवेदी के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की रणनीति इतनी आक्रामक और एकीकृत थी कि पाकिस्तान ने तुरंत ‘डॉट्स’ जोड़ लिए थे।

  • ट्रिपल थ्रेट: 10 मई की सुबह भारतीय वायुसेना के एयरक्राफ्ट्स, नौसेना के वॉरशिप्स और थल सेना के ‘पाइवट’ फॉर्मेशन्स की हलचल ने पाकिस्तान को स्पष्ट संकेत दे दिया था कि भारत केवल सर्जिकल स्ट्राइक तक सीमित नहीं रहेगा।

  • सैटेलाइट इमेजरी का डर: पाकिस्तान को सैटेलाइट इमेजेस के जरिए पता लग गया था कि भारतीय युद्धपोत और मिसाइल यूनिट्स अपनी पोजीशन ले चुकी हैं।

  • टर्निंग पॉइंट: जनरल ने कहा, “उन्हें समझ आ गया था कि भारत अब बड़े जमीनी ऑपरेशन (Ground Offensive) के लिए तैयार है, इसलिए उन्होंने सीजफायर का रास्ता चुना।”

न्यूक्लियर ब्लफ का पर्दाफाश

अक्सर परमाणु हमले की धमकी देने वाले पाकिस्तान की पोल खोलते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि सैन्य स्तर (DGMO बातचीत) पर कभी परमाणु हथियारों की चर्चा ही नहीं हुई। यह केवल वहां के राजनेताओं और जनता के लिए एक ‘बयानबाजी’ थी।

जनरल ने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना उस ‘कन्वेंशनल स्पेस’ (पारंपरिक युद्ध क्षेत्र) को बढ़ाने के लिए तैयार थी, जहाँ पाकिस्तान की कोई भी गलती उसे भारी पड़ती।

ऑपरेशन महादेव: पहलगाम का हिसाब बराबर

सेना प्रमुख ने एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम हमले का बदला ‘ऑपरेशन महादेव’ के जरिए लिया जा चुका है। हमले में शामिल तीनों आतंकियों को मार गिराया गया है।

  • आंकड़ों की गवाही: 2025 में ढेर किए गए 31 आतंकियों में से 65% पाकिस्तानी थे।

  • स्थानीय आतंक का अंत: अब कश्मीर में सक्रिय स्थानीय आतंकियों की संख्या ‘सिंगल डिजिट’ (10 से कम) रह गई है।

The Politics Again विश्लेषण (Geopolitical Insight):

जनरल द्विवेदी का यह संबोधन भारत की ‘प्रो-एक्टिव डिफेंस’ नीति को दर्शाता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से भारत ने यह संदेश दिया है कि वह न केवल आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहा है, बल्कि पारंपरिक युद्ध के स्तर पर भी पाकिस्तान की परमाणु ब्लैकमेलिंग को खत्म करने के लिए तैयार है।