PTI leaders led by Sajjad Ali riding a donkey cart to the Sindh Assembly protesting skyrocketing petrol prices in Pakistan

पाकिस्तान: महंगाई के खिलाफ गधा-गाड़ी से सिंध असेंबली पहुंचे विधायक

पाकिस्तान में महंगाई का ‘पेट्रोल बम’: गधा-गाड़ी से सिंध असेंबली पहुंचे PTI विधायक, सरकार के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन”

कराची: संतोष सेठ की रिपोर्ट  (THE POLITICS AGAIN)

पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों से आम जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। ईंधन की इस बेतहाशा महंगाई के खिलाफ पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ’ (PTI) के नेताओं ने सिंध प्रांत में एक बेहद अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।

पीटीआई के नेता और विधायक केंद्र सरकार के खिलाफ अपना कड़ा विरोध जताने के लिए लक्जरी गाड़ियों के बजाय गधा-गाड़ी (Donkey-Cart) पर सवार होकर सिंध असेंबली पहुंचे।

‘सत्ता पक्ष के मंत्री भी गधा-गाड़ी से आएं’

डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अनोखे विरोध प्रदर्शन की अगुवाई पीटीआई नेता सज्जाद अली ने की।

वे हाथों में महंगाई के खिलाफ नारे लिखे प्लेकार्ड लिए गधा-गाड़ी पर सवार होकर असेंबली के मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंचे। उनके साथ पार्टी के अन्य नेता भी केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शामिल हुए।

सज्जाद अली ने ईंधन की कीमतों में इस भारी बढ़ोतरी को आम जनता पर गिराया गया ‘पेट्रोल बम’ करार दिया।

उन्होंने तंज कसते हुए मांग की कि सत्ता पक्ष के मंत्रियों और विधायकों को भी इसी तरह गधा-गाड़ी से विधानसभा आना चाहिए, ताकि उन्हें जनता के दर्द का अहसास हो।

पीटीआई नेताओं का तर्क था कि पेट्रोल इतना महंगा हो गया है कि अब वे अपनी कारों से असेंबली तक का सफर भी नहीं कर सकते।

पेट्रोल ₹390 और डीजल ₹424 के पार, भारी टैक्स से टूटी कमर

पाकिस्तान में यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय हो रहा है जब ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।

मध्य पूर्व में तनाव के कारण तेल की सप्लाई बाधित होने का असर पाकिस्तान पर बुरी तरह पड़ा है। गुरुवार को हुई ताजा बढ़ोतरी के बाद, पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत ₹390.79 प्रति लीटर हो गई है, जबकि हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत ₹424.92 प्रति लीटर तक पहुंच गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, आम जनता को राहत देने के बजाय सरकार भारी भरकम टैक्स वसूल रही है; इसमें पेट्रोल पर ₹114 प्रति लीटर और डीजल पर ₹100 प्रति लीटर के सरकारी टैक्स और ड्यूटी शामिल हैं।

पीटीआई ने सरकार से इस बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की है।