अखिलेश यादव का ऐलान: हर विधानसभा में BJP के 27 हजार वोट करेंगे कम
सपा की प्रदेश कार्यकारिणी में अखिलेश का हुंकार: हर विधानसभा में BJP के 27 हजार वोट करेंगे कम, गिनाए सरकार के ‘घोटाले’
लखनऊ: संतोष सेठ की रिपोर्ट (THE POLITICS AGAIN)
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।
आगामी चुनावों की रणनीति का खुलासा करते हुए सपा प्रमुख ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी ने हर विधानसभा क्षेत्र में सपा के 27 हजार वोट बढ़ाने और भाजपा के 27 हजार वोट कम करने का बड़ा लक्ष्य तय किया है।
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेरोजगारी, पेपर लीक, आरक्षण, अयोध्या जमीन घोटाले और सामाजिक सद्भाव सहित कई अहम मुद्दों पर योगी सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
नौकरी, पेपर लीक और आरक्षण पर सरकार से मांगे जवाब
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर नौजवानों को बेरोजगार किया गया है और उनका हक व आरक्षण छीना गया है।
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पेपर लीक: उन्होंने कहा कि सरकार ने सरकारी नौकरी न देनी पड़े, इसलिए जानबूझकर पेपर लीक करवाए। पूरे देश में सबसे ज्यादा पेपर लीक यूपी में हुए हैं।
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आरक्षण की ऑडिट: सपा प्रमुख ने चुनौती दी कि उनकी पार्टी ने आरक्षण को लेकर जो ‘ऑडिट’ पेश की थी, सरकार के पास उसके एक भी पन्ने का जवाब नहीं है। सरकार बताए कि नौकरियों में आरक्षण के साथ किस तरह का खिलवाड़ हुआ है।
अयोध्या में जमीन घोटाला और किसानों की अनदेखी
किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए अखिलेश ने कहा कि किसानों से उनकी जमीनें ले ली गईं, लेकिन उन्हें न तो बढ़ा हुआ सर्कल रेट दिया गया और न ही सही मुआवजा मिला।
उन्होंने अयोध्या का सीधा जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां बड़े पैमाने पर जमीन घोटाले किए गए हैं।
‘संविधान बदलना चाहती है BJP, तोड़ी गईं 151 मूर्तियां’
प्रदेश के माहौल और कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश ने धैर्य और भाईचारे के लिए मुस्लिम समुदाय का आभार जताया। इसके बाद उन्होंने दलित वर्ग (PDA) के सम्मान का मुद्दा उठाते हुए भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया:
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सपा के डॉक्यूमेंटेशन के अनुसार, भाजपा सरकार में यूपी के 72 जिलों में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 151 से अधिक प्रतिमाओं को जानबूझकर खंडित किया गया है।
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उन्होंने कहा कि यह सरकार न बाबा साहेब का सम्मान करती है और न ही उनके लोगों का, क्योंकि ये लोग संविधान बदलना चाहते थे।
चुनाव अधिकारियों में PDA की अनदेखी और सीएम पर तंज
अखिलेश ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और अधिकारियों की तैनाती पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में वोट डलवाने वाले अधिकारियों में 10% भी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के लोगों को नहीं रखा गया है।
सीएम योगी द्वारा हाल ही में 900 लोगों को नियुक्ति पत्र देने पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि यह सिर्फ ‘चुनाव के लालच’ में किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सोशल मीडिया पर माहौल बनाने के लिए ‘कंटेंट क्रिएटर्स’ को पैसा दे रही है।
सीएम योगी के दौरों पर चुटकी लेते हुए अखिलेश ने कहा कि देश में किसी मुख्यमंत्री ने अपने गृह जनपद (गोरखपुर) की इतनी यात्रा नहीं की होगी, जितनी वर्तमान सीएम ने की है।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख ओम प्रकाश राजभर पर भी तंज कसते हुए सपा प्रमुख ने कहा, “अगर किसी का पासवर्ड छिन जाएगा तो वह पोस्ट कैसे करेगा? अब पासवर्ड पाने के लिए सौदेबाजी (Bargaining) हो रही होगी।”











