दिल्ली प्रदूषण समाचार

दिल्ली में ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ का डंडा : आधी रात को CAQM की छापेमारी

“जहांगीर पुरी, शालीमार बाग और वज़ीरपुर बने प्रदूषण के हॉटस्पॉट; ठंड से बचने के लिए जल रहा कूड़ा, एमसीडी को सख्त निर्देश”

विशेष संवाददाता | नई दिल्ली

दिल्ली-एनसीआर में जानलेवा होती हवा को साफ करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) अब ‘नाइट एक्शन मोड’ में आ गया है।

‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत आयोग के उड़न दस्तों ने 14 जनवरी 2026 की रात उत्तरी दिल्ली में औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया।

इस दौरान जमीनी हकीकत बेहद चौंकाने वाली निकली। टीम ने कचरा जलाने और डंपिंग की कुल 65 घटनाओं को रंगे हाथों पकड़ा, जो सीधे तौर पर हवा में जहर घोल रही थीं।

वज़ीरपुर में सबसे बुरा हाल: एक ही रात में 65 उल्लंघन

सीएक्यूएम की टीमों ने जहांगीर पुरी, शालीमार बाग और वज़ीरपुर इलाकों को निशाना बनाया। जियो-टैगिंग और टाइम-स्टैम्प वाली तस्वीरों के साथ तैयार की गई रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इन इलाकों में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

  • कुल घटनाएं: 65

  • कूड़ा/बायोमास जलाने की घटनाएं: 47

  • अवैध डंपिंग (कचरा फेंकने) की घटनाएं: 18

क्षेत्रवार प्रदूषण का ‘रिपोर्ट कार्ड’:

  1. वज़ीरपुर: 28 घटनाएं (21 जलाना + 7 डंपिंग) – सबसे ज्यादा प्रदूषित

  2. जहांगीर पुरी: 20 घटनाएं (12 जलाना + 8 डंपिंग)

  3. शालीमार बाग: 17 घटनाएं (14 जलाना + 3 डंपिंग)

सड़क किनारे और चाय की दुकानों पर सुलगता जहर

निरीक्षण रिपोर्ट के मुताबिक, रात के अंधेरे और कड़ाके की ठंड का फायदा उठाकर लोग खुलेआम नियम तोड़ रहे हैं।

  • जलाना: सड़कों के किनारे, चाय की टपरियों और खुले स्थानों पर लोग ठंड से बचने के लिए आग (अलाव) जला रहे हैं, जिसमें लकड़ी की जगह प्लास्टिक और कचरा (MSW) जलाया जा रहा है।

  • डंपिंग: बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों के पास कचरे के बड़े-बड़े ढेर मिले हैं, जो प्रशासन की सुस्त सफाई व्यवस्था की पोल खोलते हैं।

एमसीडी को फटकार: ‘सिर्फ सलाह नहीं, कार्रवाई चाहिए’

आयोग ने दिल्ली नगर निगम (MCD) और अन्य भूमि-मालिक एजेंसियों के रवैये पर चिंता जताई है। सीएक्यूएम ने साफ कहा है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों (Solid Waste Management Rules) का कड़ाई से पालन हो। आयोग ने निर्देश दिया है कि:

  1. कचरा उठाने की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।

  2. रात के समय गश्त (Night Patrolling) बढ़ाई जाए।

  3. ठंड से बचने के लिए लोगों को जलाने के बजाय इलेक्ट्रिक हीटर या रैन बसेरों जैसे विकल्प मुहैया कराए जाएं।

आगे क्या? जारी रहेगी छापेमारी

सीएक्यूएम ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत दिल्ली-एनसीआर में नियमित रूप से ऐसे ही औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों (Local Pollution Sources) को खत्म करना अब आयोग की प्राथमिकता है।

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