कनाडा पुलिस ने निज्जर हत्याकांड में भारत सरकार की संलिप्तता के ट्रूडो के दावों को खारिज कर दिया है। वहीं, अमेरिका और कनाडा ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत बड़ी कार्रवाई की है।
निज्जर हत्याकांड: ट्रूडो का ‘क्रेडिबल एलिगेशन’ औंधे मुंह गिरा, अमेरिका ने ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के जरिए लॉरेंस बिश्नोई को माना मास्टरमाइंड”
नई दिल्ली : THE POLITICS AGAIN डेस्क (इंटरनेशनल/क्राइम रिपोर्ट): मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) जो एक समय अपनी संसद में खड़े होकर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार के शामिल होने का ‘क्रेडिबल एलिगेशन’ (विश्वसनीय आरोप) लगा रहे थे,
उनका यह राजनीतिक प्रोपेगेंडा अब पूरी तरह से औंधे मुंह गिर गया है। कनाडा की अपनी ही पुलिस (RCMP) ने भारत सरकार को इस मामले में क्लीन चिट दे दी है।
वहीं दूसरी ओर, इसी हत्याकांड की जांच करते हुए अमेरिका और कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों ने एक विशाल संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ (Operation Hard Ball) चलाया है, जिसमें निज्जर की हत्या का असली मास्टरमाइंड गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ को बताया गया है।
इस पूरी जांच ने भारत के अंडरवर्ल्ड के अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ और पुलिस के भ्रष्ट तंत्र की एक खौफनाक तस्वीर पेश की है।
7 जुलाई को कनाडा के सीबीसी (CBC) नेटवर्क पर एक इंटरव्यू के दौरान एक पत्रकार ने कनाडा पुलिस (RCMP) की डिप्टी कमिश्नर ‘लीसा मोलैंड’ से सीधा सवाल पूछा: “पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आरोप लगाया था कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार शामिल थी… क्या आपकी जांच में इस आरोप को लेकर कोई सबूत मिला है?”
इस सवाल पर डिप्टी कमिश्नर पहले कुछ सेकंड के लिए चुप रहीं।
इसके बाद उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पुलिस की पूरी जांच ‘संगठित अपराध’ (Organized Crime) पर केंद्रित है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया है जो भारत सरकार या भारतीय अधिकारियों को निज्जर की हत्या से जोड़ता हो। इस एक बयान ने ट्रूडो सरकार के भारत-विरोधी नैरेटिव की हवा निकाल दी।
कनाडा पुलिस के इस खुलासे के कुछ ही घंटों बाद, अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ की घोषणा की।
‘फाइव आइज़’ (Five Eyes) इंटेलिजेंस शेयरिंग के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप की पुलिस ने मिलकर यह बड़ा क्रैकडाउन किया।
अमेरिका (विशेषकर कैलिफोर्निया) और कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े 50 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई।
इस विशाल सिंडिकेट से जुड़े कुल 37 लोगों को आरोपी (Indicted) बनाया गया है, जिनमें से 24 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। 11 गिरफ्तारियां अकेले कैलिफोर्निया में हुई हैं।
जांच में भारत से जुड़े तीन बड़े संगठित अपराध नेटवर्कों— लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह ढांडा— के गुर्गों का जिक्र है।
अमेरिकी जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई तस्करी से मंगाए गए मोबाइल फोन और इंटरनेट के जरिए अपना अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क चला रहा था।
गोल्डी बराड़ पर 50,000 डॉलर का इनाम: एफबीआई (FBI) के मुताबिक, गोल्डी बराड़ उत्तरी अमेरिका में बिश्नोई के सिंडिकेट का प्रमुख ऑपरेटर है।
निज्जर हत्याकांड सहित कई गंभीर अपराधों में वांछित गोल्डी बराड़ की सूचना देने वाले को FBI ने 50,000 डॉलर का इनाम देने का ऐलान किया है।
डर का व्यापार: यह गिरोह हर बड़ी वारदात या टारगेट किलिंग (जैसे 2023 में सरे गुरुद्वारे की पार्किंग में निज्जर की हत्या) के बाद सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेता था।
मकसद सिर्फ एक था— प्रवासियों और कारोबारियों के बीच इतना खौफ पैदा करना कि वे बिना विरोध के रंगदारी दे दें। लॉस एंजिल्स में भी लाखों डॉलर (एक मामले में 50 लाख डॉलर) की रंगदारी मांगने के सबूत मिले हैं।
इस अंतरराष्ट्रीय जांच में सबसे चौंकाने वाला नाम पंजाब पुलिस के एक अधिकारी का सामने आया है।
अटॉर्नी कार्यालय के शीर्ष अभियोजक बिल एस्सायली ने बताया कि पंजाब का एक एसएचओ (SHO) अमेरिका में बसे एक परिवार से 4 लाख डॉलर (लगभग 3.3 करोड़ रुपये) की रंगदारी मांगने में शामिल था।
परिवार को धमकी दी गई थी कि अगर उन्होंने पैसे नहीं दिए, तो भारत में रह रहे उनके रिश्तेदारों को हत्या के झूठे केस में फंसा दिया जाएगा।
इस खुलासे के बाद पंजाब पुलिस में हड़कंप मच गया और होशियारपुर के एसएसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए टांडा थाने के एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा को लाइन हाजिर कर जांच के आदेश दे दिए हैं।
इस पूरे खुलासे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या भारत की जेल (साबरमती/तिहाड़) में कड़ी सुरक्षा के बीच बंद लॉरेंस बिश्नोई को अमेरिका या कनाडा प्रत्यर्पित (Extradite) किया जाएगा?
कनाडा के एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने संकेत दिया है कि अमेरिका निज्जर हत्याकांड और अंतरराष्ट्रीय रंगदारी के मुकदमों के लिए भारत से लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण की आधिकारिक मांग कर सकता है।
चूंकि भारत में लॉरेंस पर कई संगीन मामले चल रहे हैं और उसे एक जेल से दूसरी जेल ले जाने पर भी पाबंदियां हैं, ऐसे में यह प्रत्यर्पण कूटनीतिक और कानूनी रूप से एक बेहद पेचीदा मामला साबित होने वाला है।
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