बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने टीएमसी से बगावत कर पार्टी में शामिल हुए सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक को राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है।
बंगाल राज्यसभा उपचुनाव: कल थामा ‘कमल’, कल ही मिला टिकट; BJP ने TMC से आए तीनों बागियों को बनाया उम्मीदवार, ममता की हार तय!
कोलकाता : THE POLITICS AGAIN डेस्क (पॉलिटिकल रिपोर्ट):
पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में हर दिन एक नया और दिलचस्प मोड़ सामने आ रहा है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में मची भारी बगावत का सीधा फायदा अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिलता दिख रहा है।
बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने राज्य में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव 2026 (Rajya Sabha By-election) के लिए अपने तीन उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है।
खास बात यह है कि बीजेपी ने जिन तीन नेताओं को टिकट दिया है, वे सभी हाल ही में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी से बगावत कर ‘कमल’ के पाले में आए हैं। इन नेताओं के नाम हैं— सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक।
सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक ने गुरुवार को ही कोलकाता के साल्ट लेक स्थित बीजेपी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में आधिकारिक रूप से बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी।
समिक भट्टाचार्य ने इनके अनुभव को पार्टी के लिए फायदेमंद बताया था। पार्टी में शामिल होने के महज 24 घंटे के भीतर ही बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित कर एक बड़ा राजनीतिक दांव चल दिया है।
क्यों छोड़ी थी टीएमसी? इन तीनों नेताओं ने पिछले महीने ही टीएमसी और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था:
सुखेंदु शेखर रॉय ने 8 जून को इस्तीफा दिया था।
सुष्मिता देव ने 10 जून को इस्तीफा सौंपा था।
प्रकाश चिक बराइक ने 11 जून को पद छोड़ा था।
तीनों ही नेताओं ने इस्तीफा देते वक्त टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की कार्यशैली पर गंभीर नाराजगी जताई थी।
उनका सीधा आरोप था कि पार्टी अब लोकतांत्रिक तरीके से नहीं, बल्कि पूरी तरह से ‘मनमाने ढंग’ से चलाई जा रही है।
चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल की इन तीन रिक्त राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए पूरा कार्यक्रम (Schedule) तय कर दिया गया है:
उपचुनाव की अधिसूचना (Notification): 7 जुलाई 2026
नामांकन की अंतिम तिथि (Nomination Deadline): 14 जुलाई 2026
नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny): 15 जुलाई 2026
मतदान और मतगणना (Voting & Counting): 24 जुलाई 2026
इस उपचुनाव का सबसे दिलचस्प पहलू बंगाल विधानसभा का मौजूदा गणित (Number Game) है, जो पूरी तरह से बीजेपी के पक्ष में झुका हुआ है और टीएमसी की हार तय कर रहा है।
बीजेपी का दबदबा: 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में बीजेपी के पास फिलहाल 208 विधायकों का भारी-भरकम बहुमत है।
विपक्ष को चाहिए 70 वोट: विधानसभा के आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी के किसी भी उम्मीदवार को हराने के लिए विपक्षी दल के पास कम से कम 70 विधायकों के वोट होने आवश्यक हैं।
ममता की पार्टी में बिखराव: हालिया विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने 80 सीटें जीती थीं। लेकिन पार्टी के भीतर मचे घमासान के कारण, ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 60 विधायकों ने अपना एक अलग बागी गुट बना लिया है।
सिर्फ 20 विधायक बचे: इस भारी टूट के बाद ममता बनर्जी के पास अपने प्रति वफादार केवल 20 विधायक ही बचे हैं।
इस स्पष्ट संख्या बल के आधार पर, यह तय माना जा रहा है कि बीजेपी के तीनों उम्मीदवार (सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक) बिना किसी बड़ी चुनौती के राज्यसभा के इस उपचुनाव में आसानी से जीत हासिल कर लेंगे।
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