जौनपुर: जमीन विवाद में हत्या, 48 घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार
🚨 जौनपुर में भूमि विवाद पर खूनी संघर्ष: 48 घंटे तक शव रखकर परिजनों का प्रदर्शन, कृपाशंकर-धनंजय की एंट्री के बाद हुआ अंतिम संस्कार, 4 गिरफ्तार”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के बक्शा थाना क्षेत्र स्थित कौली गांव में जमीन विवाद को लेकर हुआ खूनी संघर्ष एक बड़ी त्रासदी में बदल गया।
भैंस बांधने को लेकर शुरू हुई कहासुनी में 48 वर्षीय अजय कुमार सिंह उर्फ पप्पू की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर करीब 48 घंटे तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया।
बाद में पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह और पूर्व सांसद धनंजय सिंह के हस्तक्षेप और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद परिजन माने।
‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्योरा:
💥 भैंस बांधने पर भड़की चिंगारी, लाठी-डंडों से हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, कौली गांव निवासी अजय कुमार सिंह (48 वर्ष) का अपने पड़ोसी दानबहादुर शर्मा और तेजबहादुर शर्मा से बगीचे की जमीन को लेकर लंबे समय से पुराना विवाद चल रहा था।
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बुधवार रात का विवाद: बुधवार रात विवादित जमीन पर भैंस बांधने को लेकर दोनों पक्षों में तीखी कहासुनी हो गई, जिसने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया।
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हमले में 5 लोग घायल: आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने लाठी-डंडों से अजय सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया। उन्हें बचाने दौड़े उनके रिश्तेदार अखिलेश सिंह, हिमांशु सिंह, शिवम सिंह और आकृति सिंह भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए।
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अस्पताल में मौत: सभी घायलों को नौपेड़वा सीएचसी ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। उपचार के दौरान अजय कुमार सिंह ने दम तोड़ दिया।
🛑 48 घंटे तक अड़े रहे परिजन, प्रशासन के फूले हाथ-पांव
गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा, तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया। उनकी मांग थी कि जब तक फरार आरोपी गिरफ्तार नहीं होते और उच्चाधिकारी मौके पर नहीं आते, अंतिम संस्कार नहीं होगा।
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अधिकारियों का प्रयास: स्थिति को बिगड़ता देख शाम करीब पांच बजे सदर सीओ देवेश कुमार सिंह, एसडीएम योगिता सिंह, तहसीलदार आशीष सिंह सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
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राजस्व टीम की पैमाइश: अधिकारियों ने परिजनों को काफी समझाया और राजस्व टीम बुलाकर विवादित भूमि की पैमाइश व सीमांकन भी कराया, लेकिन परिजन बाहर रहने वाले रिश्तेदारों के आने की बात कहकर अड़े रहे।
🤝 आधी रात को धनंजय सिंह और सुबह कृपाशंकर सिंह पहुंचे
इस तनावपूर्ण माहौल के बीच राजनीतिक हस्तियों के आने से मामले में नया मोड़ आ गया:
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पूर्व सांसद धनंजय सिंह का आश्वासन: गुरुवार रात करीब 11:30 बजे पूर्व सांसद धनंजय सिंह मृतक के घर पहुंचे।
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उन्होंने डीएम और एसपी से फोन पर बात कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया और घायलों के इलाज तथा बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली।
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कृपाशंकर सिंह की मध्यस्थता: शुक्रवार सुबह पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह और पूर्व मल्हनी भाजपा प्रत्याशी सतीश सिंह मृतक के घर पहुंचे।
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कृपाशंकर सिंह ने परिजनों से लंबी बातचीत की और प्रशासनिक अधिकारियों को निष्पक्ष व सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
🚓 पुलिस का सख्त एक्शन, 4 आरोपी भेजे गए जेल
बक्शा थानाध्यक्ष विक्रम लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुखबिर की सूचना पर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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गिरफ्तार आरोपी: तेजबहादुर शर्मा, शशिकला (पत्नी तेजबहादुर), सुनीता शर्मा (पत्नी राजेश शर्मा) और रमीला (पत्नी दानबहादुर)।
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दर्ज हुआ मुकदमा: पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 103(1), 109(1) और 115(2) के तहत मुकदमा (मु0अ0सं0 309/2026) दर्ज किया है। सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
हत्या के बाद गांव में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) की तैनाती जारी है। पुलिस मामले की गहन विवेचना कर रही है।
नोट: देशभर की राजनीति, अपराध जगत की ताज़ा घटनाओं और बड़ी पुलिस कार्रवाइयों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।










