मानसूनी बारिश ने देश के कई हिस्सों में तबाही मचा दी है। असम में जहां बाढ़ से 47 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम के चलते अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्राएं स्थगित कर दी गई हैं।
देशभर में मानसून का हाहाकार: असम में बाढ़ से 47 मौतें, गुजरात में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बंद; J&K में यात्राएं स्थगित”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
देश के कई राज्यों में मानसूनी बारिश अब जानलेवा आफत बन चुकी है। असम से लेकर गुजरात और जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक, कुदरत का कहर लगातार जारी है।
असम में बाढ़ से स्थिति सबसे ज्यादा भयावह है, जहां मृतकों का आंकड़ा 47 पहुंच गया है और 7 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं।
वहीं, जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्राएं स्थगित करनी पड़ी हैं, जिससे 15 हजार से अधिक श्रद्धालु फंस गए हैं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।
प्रभावित इलाके: 11 जिलों के 883 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे 7.21 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। सबसे अधिक तबाही शिवसागर (3.75 लाख प्रभावित), चराइदेव और जोरहाट जिलों में है।
राहत और बचाव: सेना, वायुसेना और NDRF की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं। 103 राहत शिविरों में 24 हजार से ज्यादा लोगों ने शरण ली है। दूरदराज के इलाकों में ड्रोन के जरिए भोजन और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं।
नदियां उफान पर: बुर्हीदिहिंग, दिखो, देसांग, धनसिरी और कुशियारा जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही हैं।
गुजरात के वलसाड, नवसारी, सूरत और तापी जिलों में रेड अलर्ट जारी है।
वलसाड के उमरगाम तालुका में 16 घंटे में ही 1,100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई।
सूरत में अंबिका नदी उफान पर है, जिसका पानी पुल के खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। इसके चलते दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (नेशनल एक्सप्रेसवे 4) पर वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया है।
राज्य में अब तक 1,200 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और 300 से अधिक सड़कें बंद हैं।
जम्मू-कश्मीर में तवी, चिनाब और झेलम नदियां उफान पर हैं।
भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दूसरे दिन भी बंद है। बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 27 लोगों की जान जा चुकी है।
खराब मौसम को देखते हुए अमरनाथ, वैष्णो देवी और शिवखोड़ी यात्राएं लगातार पांचवें दिन भी स्थगित रहीं। कटड़ा में करीब 15,000 श्रद्धालु फंसे हुए हैं। कश्मीर विश्वविद्यालय ने अपनी परीक्षाएं भी टाल दी हैं।
हिमाचल प्रदेश: चंबा जिले के साच जोत क्षेत्र में बादल फटने (Cloudburst) से कई नालों में अचानक बाढ़ आ गई। भारी मलबे के कारण राज्य में 136 सड़कें और कई यातायात मार्ग पूरी तरह ठप हो गए हैं।
राजस्थान: मौसम विभाग ने 24 और 25 जुलाई के लिए अजमेर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
| राज्य | मुख्य प्रभाव / तबाही | प्रमुख यातायात / सेवाएं बाधित |
| असम | 47 मौतें, 7.21 लाख लोग प्रभावित, 25,375 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न | कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर |
| गुजरात | उमरगाम में 1100mm बारिश, 1200 लोगों का रेस्क्यू | दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और 300 सड़कें बंद |
| जम्मू-कश्मीर | 27 मौतें, कटड़ा में 15 हजार श्रद्धालु फंसे | अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्राएं स्थगित |
| हिमाचल प्रदेश | चंबा में फटा बादल, जनजीवन अस्त-व्यस्त | प्रदेश भर में 136 सड़कें बंद |
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