दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर छात्र बनकर जा रहे 150 से ज्यादा संदिग्धों को पकड़ा है। इनके बैग से पिस्टल, चाकू और पत्थर बरामद किए गए हैं। पुलिस को WhatsApp चैट से बड़े दंगे की साजिश के सबूत मिले हैं।
दिल्ली को दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम! जंतर-मंतर पर ‘छात्र’ बनकर जा रहे 150 उपद्रवी पकड़ाए; बैग से मिले पिस्टल, चाकू और पत्थर”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले चल रहे छात्र प्रदर्शन की आड़ में देश और दिल्ली का माहौल बिगाड़ने की एक बेहद खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है।
दिल्ली की दक्षिण और दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत ‘छात्रों के भेष’ में जंतर-मंतर जा रहे 150 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
चेकिंग के दौरान इन उपद्रवियों के बैग से पुलिस ने पिस्टल, चाकू, पत्थर और स्प्रे जैसी कई आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की हैं, जिससे साफ हो गया है कि ये लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं, बल्कि बड़ा दंगा भड़काने की फिराक में थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इंटेलिजेंस से इनपुट मिला था कि कुछ असामाजिक तत्व छात्र बनकर जंतर-मंतर के प्रदर्शन में घुसपैठ करने वाले हैं।
इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने बदरपुर, सनलाइट कॉलोनी, निजामुद्दीन, लोधी कॉलोनी और लाजपत नगर इलाकों में विशेष पिकेट लगाकर चेकिंग अभियान चलाया।
चेकिंग के दौरान पुलिस ने बाइक से जा रहे लड़कों को रोका, जिन्होंने खुद को छात्र दिखाने के लिए पीठ पर बैग लटका रखे थे।
लेकिन जब पुलिस ने बैग की तलाशी ली, तो अंदर किताबें नहीं, बल्कि हथियार और पत्थर भरे हुए थे।
बदरपुर थाना पुलिस ने इस मामले में फरीदाबाद (बल्लभगढ़) निवासी दो लड़कों— नवीन वत्स और सौरभ— को गिरफ्तार किया है।
इनकी तलाशी लेने पर बैग से लोडेड पिस्टल और चाकू बरामद हुआ है। इसी तरह निजामुद्दीन, लाजपत नगर, सनलाइट और लोधी कॉलोनी पुलिस ने रात भर में 150 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे कड़ी पूछताछ जारी है।
पकड़े गए आरोपियों ने कबूल किया है कि वे जामिया नगर, शाहीनबाग, सनलाइट, फरीदाबाद और नोएडा के रहने वाले हैं और प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बहाने जंतर-मंतर जा रहे थे।
इस पूरी साजिश की जड़ें काफी गहरी नजर आ रही हैं। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि हिरासत में लिए गए कुछ आरोपियों के मोबाइल फोन में बेहद आपत्तिजनक ‘व्हाट्सएप (WhatsApp) चैट्स’ मिली हैं।
इन चैट्स में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे: “जैसे-तैसे यह सामान (हथियार/पत्थर) जंतर-मंतर पहुंचाओ। वहां छात्र बनकर और पीठ पर बैग लटकाकर ही जाना है।”
पुलिस अब इन मोबाइलों को फोरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेज रही है ताकि साजिश के मास्टरमाइंड्स का पता लगाया जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) नजदीक है। ऐसे में कुछ राष्ट्रविरोधी और असामाजिक तत्व छात्र आंदोलन की आड़ में राजधानी में अपनी नापाक हरकतों को अंजाम देकर देश का माहौल खराब करना चाहते हैं।
पुलिस ने हिरासत में लिए गए 150 लड़कों में से जो असली छात्र थे, उन्हें समझा-बुझाकर वापस भेज दिया है, जबकि संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
दिल्ली पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सतर्क रहें और कोई भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति नजर आने पर तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दें।
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