बसपा प्रमुख मायावती राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर मीडिया से प्रतिक्रिया देती हुईं

उत्तर प्रदेश : राम मंदिर विवाद पर मायावती की बड़ी प्रतिक्रिया

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर मायावती का बयान, बोलीं- दोषियों को सजा मिले, लेकिन मामले का राजनीतिकरण न हो”

लखनऊ : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन और हेराफेरी के मामले में चल रही जांच के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने कहा कि यदि चढ़ावे की चोरी, गबन या वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इस पूरे मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।

उधर, मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही हैं।

मायावती ने क्या कहा?

मायावती ने अपने बयान में कहा कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, गबन और हेराफेरी से जुड़ी खबरें अत्यंत गंभीर और चिंताजनक हैं।

उन्होंने कहा कि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं होगा। उनके अनुसार, धार्मिक संस्थाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए विवाद को बढ़ाना जनहित में नहीं है।

पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की सलाह

बसपा प्रमुख ने सुझाव दिया कि अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन के लिए देश के अन्य प्रमुख और प्रतिष्ठित मंदिरों में अपनाई जा रही लेखा और निगरानी व्यवस्था का अध्ययन किया जाए।

उनका कहना है कि यदि पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाती है तो भविष्य में इस प्रकार की शिकायतों की संभावना कम होगी और श्रद्धालुओं का विश्वास भी मजबूत होगा।

राजनीति और धर्म पर भी दी नसीहत

मायावती ने कहा कि देश में राजनीति का अपराधीकरण, अपराध का राजनीतिकरण, धर्म का राजनीतिकरण और राजनीति का अंध-धर्मीकरण लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संविधान और जनहित को प्राथमिकता देने की अपील की।

मामले की जांच जारी

राम मंदिर चढ़ावा मामले में पुलिस जांच जारी है। अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जांच के दौरान वित्तीय दस्तावेजों, बैंक खातों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। इस बीच, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।

ट्रस्ट ने निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए कहा है कि श्रद्धालुओं के चढ़ावे की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।