चमोली : निर्माणाधीन सुरंग धंसने से 7 मजदूरों की मौत, 18 का रेस्क्यू
उत्तराखंड के चमोली में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन टनल धंसने से 7 मजदूरों की मौत, 18 का रेस्क्यू; सीएम धामी कर रहे मॉनिटरिंग”
चमोली/देहरादून: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। जिले के पीपलकोटी इलाके में HCC साइट पर निर्माणाधीन DRT हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल (सुरंग) धंसने से 7 मजदूरों की मौत हो गई है।
राहत और बचाव टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद 18 मजदूरों का सफल रेस्क्यू कर लिया है, जबकि बाकी फंसे लोगों की तलाश के लिए ऑपरेशन अभी भी जारी है।
अचानक मलबे और पानी का सैलाब आने से हुआ हादसा
अधिकारियों के मुताबिक, यह हादसा गुरुवार शाम करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच हुआ। प्रोजेक्ट की इस 3.5 किलोमीटर लंबी सुरंग में लगभग 1.8 किलोमीटर भीतर मजदूर ग्रेविटी पर पैकिंग का कार्य कर रहे थे।
इसी दौरान टनल के अंदर एक कैविटी से जोरदार धमाका हुआ और अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी सुरंग में भरने लगा।
मलबे और पानी के इस तेज बहाव को देखकर अंदर काम कर रहे मजदूरों में अफरातफरी मच गई। चीख-पुकार के बीच पानी के रेले में बहते हुए मजदूर सुरंग के बाहरी हिस्से की ओर आ रहे थे,
लेकिन इसी दौरान वे मलबे में धंसने लगे। शुरुआत में टनल के अंदर 22 लोगों के फंसे होने की जानकारी मिली थी।
युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे की सूचना मिलते ही स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF), नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF), जिला प्रशासन और स्थानीय आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
- रात में भारी मलबा जमा होने के कारण बचाव कार्य को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था।
- हालांकि, बाकी बचे लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन फिर से पूरी मुस्तैदी के साथ शुरू कर दिया गया है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी कर रहे हैं मॉनिटरिंग
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद मुहैया कराने को कहा है। चूंकि इस टनल निर्माण में झारखंड और छत्तीसगढ़ के मजदूर भी काम कर रहे थे,
इसलिए सीएम धामी ने स्थिति से अवगत कराने के लिए छत्तीसगढ़ और झारखंड के मुख्यमंत्रियों से भी फोन पर बातचीत की है। सीएम धामी लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन की बारीकी से मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
चमोली में पहले भी हो चुका है टनल हादसा
बता दें कि चमोली में टनल के अंदर हादसे का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले साल दिसंबर महीने में भी चमोली में एक निर्माणाधीन सुरंग के अंदर दो लोको ट्रेनें आपस में टकरा गई थीं, जिस बड़े हादसे में करीब 70 लोग घायल हो गए थे।











