भूकंप: नासिक, चंबा और अफगानिस्तान में कांपी धरती
नासिक से लेकर अफगानिस्तान तक कांपी धरती: शुक्रवार सुबह भूकंप के 4 झटके, जानिए कहां कितनी रही तीव्रता”
नई दिल्ली/नासिक: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
शुक्रवार की सुबह भारत से लेकर पड़ोसी देश अफगानिस्तान तक भूकंप के झटकों (Earthquake Tremors) से धरती कांप उठी।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार सुबह कुल चार बार भूकंप के झटके दर्ज किए गए। ये झटके महाराष्ट्र के नासिक, हिमाचल प्रदेश के चंबा और अफगानिस्तान में महसूस किए गए।
गनीमत यह रही कि अब तक किसी भी जगह से जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। इन सभी में सबसे तेज झटका अफगानिस्तान में दर्ज किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.4 मापी गई।
नासिक में 3.4 तीव्रता का भूकंप
महाराष्ट्र के नासिक में शुक्रवार अलसुबह 5 बजकर 32 मिनट और 39 सेकंड पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.4 मापी गई।
- गहराई और केंद्र: भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर केवल 3 किलोमीटर की गहराई में था। इसका अक्षांश 20.461 डिग्री (उत्तर) और देशांतर 73.748 डिग्री (पूर्व) दर्ज किया गया।
- बता दें कि महाराष्ट्र में भूकंप की यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे ठीक तीन दिन पहले राज्य के पालघर जिले में भी भूकंप के दो झटके महसूस किए गए थे।
हिमाचल के चंबा में भी हिली धरती
महाराष्ट्र के बाद उत्तर भारत में हिमाचल प्रदेश का चंबा भी भूकंप के झटकों से दहल गया। यहां शुक्रवार सुबह 6 बजकर 36 मिनट और 28 सेकंड पर धरती कांपी।
- तीव्रता और गहराई: चंबा में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.0 रही। इसका केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर नीचे था।
- लोकेशन: भूकंप का स्थान 33.131 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 76.585 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। राहत की बात यह है कि कम तीव्रता होने के कारण यहां से किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है।
अफगानिस्तान में लगातार दो बड़े झटके
भारत के अलावा पड़ोसी मुल्क अफगानिस्तान में शुक्रवार सुबह 12 मिनट के अंतराल पर भूकंप के दो झटके महसूस किए गए।
- पहला झटका: सुबह 4 बजकर 29 मिनट 30 सेकंड पर आया। इसकी तीव्रता 4.0 थी और यह जमीन के भीतर 147 किलोमीटर की गहराई में था।
- दूसरा झटका: पहले झटके के ठीक 12 मिनट बाद सुबह 4 बजकर 41 मिनट 54 सेकंड पर आया। यह दिन का सबसे जोरदार झटका था, जिसकी तीव्रता 4.4 मापी गई।
- इसकी गहराई जमीन से 136 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। अफगानिस्तान से भी फिलहाल किसी तरह के बड़े नुकसान या हताहत होने की कोई जानकारी नहीं मिली है।











