“वोटर लिस्ट का ‘महा-शुद्धिकरण’: 9 राज्यों से 1.70 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम कटे, अकेले गुजरात में 68 लाख की कमी”
“भारतीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा किए गए ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) के बाद देश की चुनावी तस्वीर में बड़ा बदलाव आया है”
नई दिल्ली : The Politics Again : संतोष सेठ की रिपोर्ट
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, गुजरात और राजस्थान समेत 9 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाताओं की संख्या में 1.70 करोड़ से अधिक की शुद्ध गिरावट दर्ज की गई है।
आयोग ने इसे फर्जी और अयोग्य मतदाताओं को हटाने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी बताया है।
गुजरात में सबसे बड़ी ‘सफाई’
आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा प्रभाव गुजरात में देखा गया है, जहां मतदाता सूची से करीब 68.12 लाख नाम हटाए गए।
इसके चलते राज्य की मतदाता संख्या 5.08 करोड़ से घटकर 4.40 करोड़ रह गई है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी क्रमशः 34.25 लाख और 31.36 लाख नामों की कटौती हुई है।
हटाए जाने के मुख्य कारण:
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि ये नाम निम्नलिखित कारणों से हटाए गए हैं:
- मृत्यु: मतदाता का निधन हो जाना।
- पलायन: स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर बस जाना।
- डुप्लीकेट: एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में नाम दर्ज होना।
यूपी और बंगाल पर नजर:
अभी इस अभियान का पहला चरण पूरा हुआ है। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों के आंकड़े इसी महीने के अंत तक आने की उम्मीद है।
हालांकि, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों में इस प्रक्रिया को विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी है।
2. डेटा टेबल: कहाँ कितनी हुई कटौती (Quick Reference)
| राज्य/केंद्रशासित प्रदेश | हटाए गए नाम (लगभग) | नई मतदाता संख्या (लगभग) |
| गुजरात | 68.12 लाख | 4.40 करोड़ |
| मध्य प्रदेश | 34.25 लाख | 5.39 करोड़ |
| राजस्थान | 31.36 लाख | 5.00 करोड़ (अनुमानित) |
| छत्तीसगढ़ | 24.99 लाख | – |
| केरल | 8.97 लाख | – |










