राम मंदिर चंदा चोरी पर आहत हुए महंत नृत्यगोपाल दास, की मांग
राम मंदिर चंदा चोरी: आहत महंत नृत्यगोपाल दास ने की कड़ी सजा की मांग, आज ट्रस्ट की अहम बैठक में होगा बड़ा फैसला”
अयोध्या : THE POLITICS AGAIN डेस्क: संतोष सेठ की रिपोर्ट
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला इन दिनों सुर्खियों में है और इसे लेकर सियासत भी गरमाई हुई है।
इस पूरे विवाद और सोमवार को होने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक से ठीक पहले ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने मंदिर में हुई इस चोरी की घटना पर गहरी पीड़ा और दुख व्यक्त किया है।
‘करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रश्न, मिले कड़ी सजा’
महंत नृत्यगोपाल दास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह श्रीराम लला के दरबार में हुई इस दान चोरी से काफी आहत हैं।
उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, “श्रीराम लला सरकार के मंदिर में हुई दान चोरी से मैं काफी आहत हूं। जिसने भी यह पाप किया है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।”
उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा, “मुझे यूपी के यशस्वी सीएम योगी आदित्यनाथ और पीएम मोदी पर पूरा विश्वास है कि वे इस पाप से जुड़े हर व्यक्ति को सजा दिलाएंगे। यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रश्न है।”
इसके साथ ही महंत जी ने राजनेताओं से अपील करते हुए कहा कि, “मेरा निवेदन है कि इसमें किसी भी व्यक्ति को अपने निजी लाभ के लिए राजनीति नहीं करनी चाहिए।”
आज है ट्रस्ट की अहम बैठक, बड़े फैसलों की उम्मीद
चढ़ावा चोरी का मामला तूल पकड़ने के बाद आज अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक के मुख्य एजेंडे इस प्रकार हैं:
-
इस्तीफों पर फैसला: चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
-
हालांकि, अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है। आज की बैठक में उनके भविष्य पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
-
नए CEO की नियुक्ति: सूत्रों के हवाले से खबर सामने आ रही है कि प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए राम मंदिर ट्रस्ट के लिए एक नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की भी नियुक्ति की जा सकती है।
ट्रस्ट की पृष्ठभूमि
नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद फरवरी 2020 में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया गया था।
शुरुआत में ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य थे, लेकिन एक सदस्य के निधन के बाद वर्तमान में 14 सदस्य हैं। ट्रस्ट की बैठक हर तीन महीने में आयोजित होती है, इससे पहले 21 मार्च को रामनवमी की तैयारियों को लेकर बैठक हुई थी।
अब सभी की निगाहें आज की बैठक पर टिकी हैं कि क्या चंपत राय का इस्तीफा मंजूर होगा या उन्हें क्लीन चिट मिलेगी।











