Police using water cannons on RJD workers during Raj Bhavan march led by Tejashwi Yadav in Patna, Bihar

पटना में RJD के राजभवन मार्च पर बवाल, तेजस्वी यादव हिरासत में

बिहार: RJD का राजभवन मार्च बना रणक्षेत्र, तेजस्वी यादव हिरासत में; छात्र आंदोलन में ‘AK-47’ के इस्तेमाल पर दागे तीखे सवाल”

पटना: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

बिहार में बेरोजगारी, लगातार हो रहे पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का राजभवन मार्च बुधवार को भारी हंगामे में तब्दील हो गया।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकाले गए इस शांतिपूर्ण मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग और वाटर कैनन (जल तोप) का भारी इस्तेमाल किया।

पुलिस और RJD कार्यकर्ताओं के बीच हुई तीखी झड़प के बाद तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया गया है।

इस दौरान तेजस्वी ने राज्य सरकार पर छात्रों के खिलाफ ‘एके-47’ (AK-47) के इस्तेमाल का सनसनीखेज आरोप लगाकर सियासी पारा और चढ़ा दिया है।

मार्च से लेकर हिरासत तक: कैसे बिगड़े हालात?

राजभवन मार्च की शुरुआत जेपी गोलंबर से हुई थी, जहां तेजस्वी यादव ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण को श्रद्धांजलि देकर हजारों समर्थकों के साथ आगे कदम बढ़ाया।

  • बैरिकेडिंग टूटी: डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने भारी सुरक्षा बलों के साथ बैरिकेडिंग की थी, लेकिन आरजेडी कार्यकर्ता इसे पार कर गए।

  • वाटर कैनन का प्रहार: जब भीड़ इनकम टैक्स चौराहे पर पहुंची, तो बेकाबू होते हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन से तेज पानी की बौछारें कीं।

  • हिरासत और बयान: कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया। पुलिस वाहन में जाते हुए तेजस्वी ने कहा, “सरकार डरी हुई है।

  • हमारे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी जेल में ही हुआ था, हम जेल जाने से डरने वाले नहीं हैं।” उन्होंने इस पूरी पुलिसिया कार्रवाई का जिम्मेदार सीधे तौर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ठहराया।

छात्र आंदोलन में ‘AK-47’ फायरिंग: तेजस्वी के 5 गंभीर सवाल

इस आंदोलन का सबसे संवेदनशील और गंभीर मुद्दा पुलिस द्वारा छात्रों पर कथित रूप से एके-47 से फायरिंग करने का रहा।

आरजेडी सांसद मीसा भारती ने दावा किया कि बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए गए एक हलफनामे में छात्रों के खिलाफ एके-47 के इस्तेमाल की बात स्वीकार की है।

तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार और प्रशासन को घेरते हुए कई तीखे सवाल दागे:

  1. आदेश किसने दिया? छात्रों पर एके-47 से गोली चलाने की अनुमति किस अधिकारी (DM/SP) ने दी?

  2. हथियार का स्रोत: आरोपी सिपाही के पास एके-47 कैसे पहुंची और यह किस शस्त्रागार या यूनिट से जारी की गई थी?

  3. कमांड चेन का खुलासा: हथियार जारी करने से लेकर फायरिंग का आदेश देने तक की पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाए।

  4. सीवान SP पर कार्रवाई: मामले को सिर्फ एक सिपाही पर कार्रवाई कर रफा-दफा नहीं किया जा सकता, सीवान के एसपी को तत्काल निलंबित किया जाए।

  5. संसद बनाम हलफनामा: केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने संसद में गोली चलने से इनकार किया, जबकि राज्य सरकार कोर्ट में इसे मान रही है। इस विरोधाभास पर केंद्र और राज्य स्थिति स्पष्ट करें।

‘पेपर लीक की राजधानी बन गया है बिहार’

तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार के ‘नए बिहार’ के दावों की हवा निकालते हुए कहा कि बिहार अब पेपर लीक की राजधानी बन चुका है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अच्छी शिक्षा, कदाचार मुक्त परीक्षा और भ्रष्टाचार मुक्त विकास अब केवल एक सपना बनकर रह गया है।

आरजेडी ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक बेरोजगारी खत्म करने, पेपर लीक रोकने और परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक छात्रों के अधिकारों के लिए यह सड़क की लड़ाई जारी रहेगी।

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