Union Minister Shivraj Singh Chouhan holding a high-level meeting with UP CM Yogi Adityanath in Lucknow

लखनऊ: शिवराज सिंह चौहान और CM योगी की हाई लेवल मीटिंग

लखनऊ में शिवराज-योगी की हाई लेवल मीटिंग: यूपी को मिले 2 बड़े तोहफे; किसानों के लिए बढ़ी MSP खरीद की तारीख, 6 लाख पक्के मकान मंजूर”

लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश की कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए गुरुवार को योजना भवन, लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।

‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के साथ इस हाई लेवल मीटिंग में यूपी के लिए दो बड़े और अहम फैसलों पर मुहर लगाई।

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने मुख्यमंत्री योगी को दो स्वीकृति पत्र सौंपे, जो राज्य के किसानों और गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं।

तोहफा 1: किसानों को राहत, 8 जुलाई तक बढ़ी MSP खरीद

उत्तर प्रदेश के किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए केंद्र सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026–27 के लिए गेहूं, चना और मसूर जैसी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की अवधि बढ़ा दी है।

  • नई डेडलाइन: राज्य सरकार के अनुरोध पर, अब एमएसपी पर फसल खरीद की अवधि 24 जून 2026 से बढ़ाकर 8 जुलाई 2026 कर दी गई है।

  • फायदा: इससे उन किसानों को बड़ी राहत मिलेगी जो मौसम की खराबी, मंडी में भीड़ या अन्य व्यावहारिक दिक्कतों के कारण अपनी फसल नहीं बेच पाए थे।

  • अब वे औने-पौने दामों के बजाय सीधे सरकारी केंद्रों पर उचित मूल्य पर अपनी फसल बेच सकेंगे।

तोहफा 2: यूपी के गरीबों को 6,18,482 पक्के मकान

ग्रामीण विकास को रफ्तार देते हुए केंद्रीय मंत्री ने ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ (PMAY-G) के नए चरण के तहत उत्तर प्रदेश के लिए 6,18,482 पक्के मकानों की स्वीकृति का अनुमोदन पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।

श्री शिवराज सिंह ने कहा कि योजना के नए चरण में मकानों के आवंटन की शुरुआत यूपी से ही की जा रही है, जिससे राज्य के गरीब और वंचित परिवारों को पक्का घर देने की प्रक्रिया और तेज हो सकेगी।

यूपी बनेगा ‘नेशनल मॉडल’, तैयार हो रहा साइंटिफिक रोडमैप

केंद्रीय मंत्री ने यूपी को कृषि क्षेत्र में देश का ‘सिरमौर’ बताते हुए कहा कि देश का लगभग 38% गेहूं अकेले उत्तर प्रदेश पैदा करता है।

“जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान, अल नीनो का प्रभाव और घटता भूजल स्तर खेती के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में जलवायु संकट के बावजूद हम खेत खाली नहीं रहने देंगे।” – शिवराज सिंह चौहान

कृषि को लाभकारी बनाने के लिए एक ‘साइंटिफिक एग्रीकल्चर रोडमैप’ तैयार किया जा रहा है। इसके मुख्य बिंदु हैं:

  • जिलेवार कंटिंजेंसी (आकस्मिक) प्लान।

  • कम अवधि वाली फसलों और फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को बढ़ावा देना।

  • सिंचाई, जल संरक्षण, उन्नत बीज और आधुनिक तकनीक पर फोकस।

अलनीनोऔर कम बारिश– खेत खाली न रहें, कंटिंजेंसी प्लान

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस वर्ष अल नीनो का संकट दिखाई दे रहा है, बारिश अब तक कम हुई है और आगे भी कमी की संभावना जताई जा रही है।

उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में सरकार का लक्ष्य यह है कि खेत खाली न रहें, किसान की आय सुरक्षित रहे और देश की खाद्य सुरक्षा प्रभावित न हो।

इसी उद्देश्य से बैठक में तय किया गया कि कम पानी में तैयार होने वाली, कम अवधि वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए जिले–जिले के हिसाब से कंटिंजेंसी प्लान पर काम किया जाएगा।

अलग–अलग जिलों की जल उपलब्धता, मिट्टी और खेती के पैटर्न को देखते हुए वैकल्पिक फसलों की सूची बनाई जाएगी और उन्हें किसानों के बीच प्रमोट किया जाएगा।

इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्रों, राज्य कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से किसानों तक समय पर सलाह, बीज और तकनीकी मार्गदर्शन पहुंचाने का रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है।

ग्रामीण आवास– 6,18,482 मकानों की स्वीकृति का पत्र

ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के नए चरण से संबंधित दूसरा महत्वपूर्ण पत्र भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बैठक में ही सौंपा।

इस पत्र में उ.प्र. के लिए कुल 6,18,482 पक्के मकानों की स्वीकृति दी गई है जो आने वाले वर्षों में राज्य के ग्रामीण इलाकों में आवास सुधार की एक बड़ी शुरुआत साबित होगी।

श्री शिवराज सिंह ने कहा कि यह स्वीकृति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2024–25 से 2028–29 की अवधि के लिए शुरू किए गए पीएम आवास–ग्रामीण के नए चरण का हिस्सा है, जिसके तहत देशभर में दो करोड़ अतिरिक्त पक्के मकान बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

इन दो करोड़ मकानों में से 6,18,482 मकान उ.प्र. के लिए स्वीकृत किए गए हैं जिनके जरिए राज्य के लाखों गरीब परिवारों को चरणबद्ध तरीके से पक्का घर उपलब्ध कराने का रास्ता खुला है।

हाउसिंग फॉर ऑल– सर्वे पूरा, अब डिलीवरी पर फोकस

बैठक में श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उ.प्र. के ग्रामीण क्षेत्रों में घरों का सर्वे पूरा हो चुका है और उन गरीब भाई–बहनों की पहचान कर ली गई है जो कच्चे मकान में रहते हैं और पक्के घर की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब अगला चरण इन पात्र परिवारों को प्राथमिकता के साथ पीएम आवास–ग्रामीण के अंतर्गत पक्का मकान देने का है, जिससे प्रधानमंत्री मोदी के ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ संकल्प को जमीन पर गति मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार वित्तीय और तकनीकी दोनों मोर्चों पर उ.प्र. को पूरा सहयोग देगी।

उन्होंने कहा कि मकानों की स्वीकृति के बाद अब राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य कराए, गुणवत्ता सुनिश्चित करे और यह ध्यान रखे कि कोई भी पात्र गरीब परिवार सूची से बाहर न रह जाए।

इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया।

मजबूत टीम, संयुक्त विजन

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्य मंत्री श्री बलदेव सिंह औलख और राजस्व राज्य मंत्री श्री सुरेंद्र दिलेर मौजूद रहे।

केंद्र और राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बड़ी संख्या में बैठक में उपस्थित थे और उन्होंने विभिन्न योजनाओं की प्रगति और ज़मीनी स्थिति पर प्रेज़ेंटेशन दिए।

इस महत्वपूर्ण बैठक से यह स्पष्ट संदेश उभरा है कि कृषि और ग्रामीण विकास को केवल अलग–अलग योजनाओं की तरह नहीं, बल्कि एक संयुक्त विज़न के रूप में देखा जा रहा है।

नीति निर्माण से लेकर क्रियान्वयन तक, हर स्तर पर केंद्र और उ.प्र. सरकार के बीच बेहतर तालमेल और टीम वर्क पर जोर दिया गया, ताकि फैसलों का असर सीधे किसान, खेत मज़दूर और ग्रामीण गरीब परिवार तक महसूस हो सके।

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की स्पष्ट सोच है कि देश के किसानों का हर तरह से कल्याण हो और कोई गरीब परिवार बिना पक्के घर के न रहे। 

रबी 2026–27 की एमएसपी खरीद अवधि बढ़ाने और प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के नए चरण में 6,18,482 मकानों की स्वीकृति, दोनों फैसले इसी सोच से जुड़े हैं।

केंद्र और राज्य सरकार एक ही लक्ष्य के साथ काम कर रही हैं- किसान मज़बूत, गांव समृद्ध और उ.प्र. को कृषि और ग्रामीण विकास का नेशनल मॉडल बनाना।

केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम के साथ मिलकर जो साइंटिफिक रोडमैप और आवास योजना तैयार की जा रही है, वह आने वाले वर्षों में यूपी के खेतों, गांवों और गरीब परिवारों की ज़िंदगी में बड़ा और स्थायी परिवर्तन लेकर आएगी।

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