देश में इबोला का खतरा : भारत में ‘एयर सुविधा 2.0’ पोर्टल लॉन्च
इबोला वायरस का अलर्ट: भारत में ‘एयर सुविधा 2.0’ पोर्टल लॉन्च, इन देशों से आने वाले यात्रियों के लिए स्वास्थ्य स्व-घोषणा अनिवार्य”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
अफ्रीकी देशों में तेजी से फैल रहे इबोला वायरस (Ebola Virus) के खतरे को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गई है।
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के जरिए देश में संक्रमण फैलने से रोकने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने गुरुवार को एक उन्नत संपर्क रहित पोर्टल ‘एयर सुविधा 2.0’ (Air Suvidha 2.0) का शुभारंभ किया है।
‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य प्रवेश बिंदुओं (हवाई अड्डों) पर सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को मजबूत करना और जोखिम वाले यात्रियों की त्वरित पहचान करना है।
क्यों पड़ी ‘एयर सुविधा 2.0’ की जरूरत?
हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 17 मई, 2026 को कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) और युगांडा में फैले ‘इबोला/बुंडीबुग्यो वायरस रोग’ के प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (PHEIC) घोषित किया है।
-
वर्तमान प्रकोप की पुष्टि ‘बुंडीबुग्यो वायरस रोग’ (BVD) के रूप में हुई है।
-
WHO के अनुसार, DRC और युगांडा की सीमा से लगे देशों, विशेषकर दक्षिण सूडान को संक्रमण के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के रूप में आंका गया है।
इसी संभावित खतरे से भारत को सुरक्षित रखने के लिए यह पोर्टल दोबारा नए और उन्नत स्वरूप में लॉन्च किया गया है।
पोर्टल की प्रमुख विशेषताएं और नए नियम
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के सहयोग से विकसित इस पोर्टल के तहत अंतरराष्ट्रीय आगमन करने वाले यात्रियों के लिए नियम सख्त किए गए हैं:
-
अनिवार्य ऑनलाइन फॉर्म: सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आव्रजन (Immigration) मंजूरी से पहले एक अनिवार्य ऑनलाइन ‘स्वास्थ्य स्व-घोषणा पत्र’ (Self-Declaration Form – SDF) जमा करना होगा।
-
21 दिन की हिस्ट्री: इस फॉर्म में यात्रियों को अपने पिछले 21 दिनों का यात्रा इतिहास (Travel History), संपर्क इतिहास और बीमारी से संबंधित किसी भी लक्षण की जानकारी देनी होगी।
-
रियल-टाइम डेटा शेयरिंग: यह पोर्टल हवाई अड्डे के स्वास्थ्य अधिकारी (APHO), आव्रजन ब्यूरो, IDSP और राज्य निगरानी अधिकारियों के साथ वास्तविक समय (Real-time) में डेटा साझा करेगा। इससे संदिग्ध यात्रियों को तुरंत मेडिकल रेफरल में मदद मिलेगी।
-
पूरी तरह पेपरलेस: आगमन की प्रक्रिया को पूरी तरह से सहज और ‘संपर्क रहित’ रखा गया है। भारत उतरने के बाद हवाई अड्डे पर कोई भी भौतिक (फिजिकल) फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी।
कैसे और कब भरें स्व-घोषणा पत्र (SDF)?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
-
समय सीमा: एयर सुविधा स्व-घोषणा पत्र भारत पहुंचने से 24 घंटे पहले भरा जा सकता है।
-
सुझाव: यात्रियों से अपील की गई है कि वे उड़ान में चढ़ने से पहले या वेब चेक-इन के दौरान ही इस फॉर्म को भर लें ताकि एयरपोर्ट पर उनका समय बच सके।
-
चेकिंग की प्रक्रिया: भारत पहुंचने पर अंतरराष्ट्रीय यात्रा स्वास्थ्य डेस्क या आव्रजन काउंटर पर केवल डाउनलोड किया गया SDF दिखाना होगा।
यहाँ करें एक्सेस:
यात्री इस पोर्टल को आधिकारिक वेबसाइट https://airsuvidha.civilaviation.gov.in/ पर जाकर एक्सेस कर सकते हैं।
सरकार ने सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्री सुरक्षा और जन स्वास्थ्य के व्यापक हित में अपनी स्व-घोषणा को पूरी ईमानदारी से और पहले ही पूरा कर लें।











