कोलकाता: ‘दौड़ से ध्यान’ मैराथन आयोजित, CM शुवेंदु अधिकारी रहे मौजूद
कोलकाता में ‘दौड़ से ध्यान 2026’ का शानदार आयोजन: CM शुवेंदु अधिकारी ने दिखाई हरी झंडी, योग दिवस की भव्य तैयारी”
कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY 2026) के भव्य आयोजन से पहले पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में “दौड़ से ध्यान 2026 – गति से स्थिरता तक” अभियान ने अद्भुत ऊर्जा और एकजुटता का संचार किया है।
इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन ‘स्वच्छता से स्वागत’ पहल के तहत किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य, स्वच्छता, नागरिक जिम्मेदारी और समग्र कल्याण को बढ़ावा देना है।
सीएम शुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय मंत्री ने दिखाई हरी झंडी
इस ऐतिहासिक मैराथन की शुरुआत आज सुबह कोलकाता नगर निगम (KMC) मुख्यालय से हुई। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री शुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय आयुष एवं स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने संयुक्त रूप से मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह दौड़ ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग (Writers’ Building) पर जाकर संपन्न हुई, जिसके बाद वहां एक वृहद योग और ध्यान सत्र का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में इन दिग्गजों ने की शिरकत
इस भव्य कार्यक्रम में राजनीति, प्रशासन और खेल जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने भाग लेकर जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया:
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क्षेत्र |
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति |
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मुख्य अतिथि |
मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव |
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अन्य मंत्री एवं विधायक |
मंत्री इंद्रनील खान, अग्निमित्रा पॉल, तापस रॉय और विधायक बिजय ओझा |
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वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी |
मुख्य सचिव डॉ. मनोज कुमार अग्रवाल, आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा |
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खेल जगत की हस्ती |
पूर्व अंतरराष्ट्रीय टेनिस दिग्गज लिएंडर पेस |
कोलकाता के 11 स्थानों पर एक साथ ‘योग रन’
नागरिकों को योग को अपनी जीवनशैली में शामिल करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से पूरे कोलकाता शहर के 11 प्रमुख स्थानों पर एक साथ 2 किलोमीटर लंबी ‘योग दौड़’ (Yoga Run) का आयोजन किया गया।
यह दौड़ पीएसी टेंट मैदान, इलियट पार्क, ताला पार्क (बेलगछिया), सुभाष सरोबार (बेलियाघाटा), कैप्टन भेरी, और गीतांजलि स्टेडियम (कस्बा) सहित कई प्रमुख स्थलों पर आयोजित हुई। इस दौरान समाज के सभी वर्गों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया।
आयोजकों के अनुसार, “दौड़ से ध्यान” का यह संदेश शारीरिक गति को मानसिक स्थिरता में, अनुशासन को संतुलन में और सामूहिक प्रयास को समग्र कल्याण की दिशा में मोड़ने का एक बेहद सफल और प्रेरक प्रयास साबित हुआ है।











