जानिये कौन है तहव्वुर राणा? जिसने मुंबई आतंकी हमले की साजिश रची
“2008 मुंबई आतंकवादी हमले के मामले में मोस्ट वॉन्टेड आतंकी तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया है। हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट और देश के चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने तहव्वुर की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने भारत प्रत्यर्पण के फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी। उसने दलील दी थी कि अगर उसे भारत प्रत्यर्पित कर दिया जाता है तो वहां उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा सकता है”
नई दिल्ली 10 / 04 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
गौरतलब है कि 26/11 हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को लेकर भारत में पहली चार्जशीट 2011 में दायर हुई थी। वहीं अमेरिका में उसके खिलाफ मामला 2009 में दर्ज हुआ था। अमेरिकी कोर्ट ने 2013 में उसे 14 साल जेल की सजा सुनाई थी।
हालांकि, अमेरिकी कोर्ट की तरफ से दी गई सजा पूरी होने से ठीक पहले ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी। इसके बाद राणा की उस याचिका को भी खारिज कर दिया गया, जो उसने चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स को भेजी थी।
कौन है तहव्वुर राणा?
तहव्वुर हुसैन राणा (63 वर्षीय) पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है। उसका जन्म 1961 में पाकिस्तान की तरफ पंजाब में स्थित चिचावतनी में हुआ था। राणा ने पाकिस्तान के अटोक जिले के हसन अब्दल में कैडट कॉलेज से पढ़ाई की। यहीं उसकी दोस्ती डेविड हेडली के साथ हुई थी, जो कि 2008 के मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड है। बताया जाता है कि हेडली ने यहां पांच साल तक पढ़ाई की थी।
2008 के मुंबई आतंकी हमलों में आया नाम
दावा है कि तहव्वुर राणा ने अपनी कंसल्टेंसी फर्म्स में डेविड हेडली को भी नौकरी दी। इसी फर्म की मुंबई शाखा के काम के लिए डेविड हेडली मुंबई आया था और यहां लश्कर-ए-तयैबा के आतंकी हमलों की तैयारी के लिए मुंबई में ताज महल होटल और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस जैसी प्रमुख जगहों की रेकी की थी।
जांचकर्ताओं का मानना है कि तहव्वुर राणा ने कंसल्टेंसी फर्म की आड़ में ही डेविड हेडली से रेकी का पूरा काम कराया। साल 2008 में मुंबई में पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने घुसकर शहरभर में हमले किए थे। इन बर्बर हमलों में छह अमेरिकी नागरिकों और कुछ यहूदियों समेत 166 लोग मारे गए थे।
अमेरिका में पूछताछ के दौरान हेडली ने अभियोजकों को मुंबई हमले की साजिश की पूरी जानकारी दी। इसके मुताबिक बताया जाता है कि 2009 में गिरफ्तारी से पहले हेडली-राणा ने मुंबई आतंकी हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकियों को पाकिस्तान का सर्वोच्च सैन्य पुरस्कार निशान-ए-हैदर दिए जाने पर सहमति जताई थी।
अमेरिका में कौन से मामले में दोषी पाया गया राणा











