कर्नाटक विधान परिषद चुनाव परिणाम

कर्नाटक MLC चुनाव नतीजे : कांग्रेस ने जीतीं 5 सीटें, BJP को 2

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव: कांग्रेस की शानदार जीत, 5 सीटों पर किया कब्जा, JD(S) का सूपड़ा साफ”

बेंगलुरु: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

एक तरफ जहां झारखंड के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को झटका लगा, वहीं दूसरी तरफ कर्नाटक विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों ने पार्टी को बड़ी राहत दी है।

कर्नाटक विधान परिषद की सात सीटों के लिए हुए चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने शानदार रणनीतिक प्रदर्शन करते हुए पांच सीटों पर जीत दर्ज की है।

वहीं, मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) को दो सीटें मिली हैं, जबकि उसके सहयोगी जनता दल सेक्युलर (JD(S)) को एक भी सीट नहीं मिल सकी और उसका सूपड़ा साफ हो गया।

किसे मिली जीत और किसे मिली हार?

गुरुवार को 100 फीसदी मतदान (सभी 222 पात्र विधायकों ने वोट डाला) के बाद संपन्न हुई मतगणना में चुनाव परिणाम इस प्रकार रहे:

  • कांग्रेस के विजयी उम्मीदवार (5 सीटें): बीके हरिप्रसाद, थिप्पन्नाप्पा कामाकानूर, पीवी मोहन, शिवन्ना बीएस (मालवल्ली) और विनय कार्तिक प्रकाश।

  • BJP के विजयी उम्मीदवार (2 सीटें): लिंगराज पाटिल और रघु आर।

  • JD(S) को झटका: पार्टी के उम्मीदवार गोविंदराजू सातवीं और सबसे अहम मानी जा रही सीट के मुकाबले में हार गए।

विधान परिषद में कांग्रेस हुई और मजबूत

इन नतीजों के बाद 75 सदस्यीय कर्नाटक विधान परिषद (उच्च सदन) का पूरा गणित बदल गया है। कांग्रेस ने उच्च सदन में भी अपनी पकड़ काफी मजबूत कर ली है:

राजनीतिक दल

चुनाव के बाद सदस्यों की संख्या

कांग्रेस (Congress)

39

भाजपा (BJP)

29

जेडीएस (JD-S)

6

निर्दलीय (Independent)

1

 

कांग्रेस की रणनीति पास, गठबंधन का गणित फेल

विधान परिषद चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत हुए थे, जिसमें जीत के लिए एक उम्मीदवार को 28 वोटों की आवश्यकता थी।

विधानसभा में कांग्रेस के 134 विधायक हैं। अपने 4 उम्मीदवारों को आसानी से (28×4=112 वोट) जिताने के बाद कांग्रेस के पास 22 अतिरिक्त वोट शेष थे।

पांचवीं सीट के लिए उसे केवल 6 और वोटों की जरूरत थी। कांग्रेस ने बेहतरीन ‘वोट मैनेजमेंट’ करते हुए निर्दलीय और अन्य विधायकों का समर्थन जुटा लिया और सातवीं (अंतिम) सीट भी अपने नाम कर ली।

दूसरी ओर, BJP-JD(S) गठबंधन ‘क्रॉस-वोटिंग’ न होने और निर्दलियों के भरोसे था, लेकिन उनका यह गणित पूरी तरह फेल साबित हुआ।