जौनपुर : वन नेशन वन इलेक्शन का विधान देश को बनाएगा एक विकसित राष्ट्र – ए.के. शर्मा ( मंत्री )

“उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी राष्ट्रहित तथा देशवासियों के हित में वन नेशन वन इलेक्शन का विधान देश में लागू करना चाहते हैं, लेकिन विपक्षियों को इसमें भी आपत्ति है”

जौनपुर 06 / 05 / 2025 मंगेश प्रजापति की रिपोर्ट 

देश में वन नेशन वन इलेक्शन का विधान लागू होने से लोकसभा, सभी राज्यों की विधानसभाओं तथा स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ हो सकेंगे। देश में अलग-अलग चुनाव होने से बहुत सारा पैसा, संसाधन और समय जो खर्च होता है, वह बचेगा। यही पूंजी, समय और संसाधन देश की तरक्की में लगेगी और देश एक समृद्ध राष्ट्र बनेगा।

उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव से देश की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता मजबूत होगी। नक्सलवाद, आतंकवाद और क्षेत्रीयता की भावना खत्म होगी। डेढ़ से दो वर्षों में देश की जीडीपी में बढ़ोतरी होगी और 2047 तक हमारा देश समृद्ध होकर एक विकसित राष्ट्र बन जाएगा।

देश के संसाधनों, समय व धन को बचाने तथा राष्ट्र प्रथम की भावना एवं राष्ट्रीयता को और मजबूत करने के लिए ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ बहुत आवश्यक है। बार-बार के चुनाव देश के विकास कार्यों में रोड ब्रेकर बन रहे है।

मंत्री ने सोमवार को एक दिवसीय प्रवास पर जनपद जौनपुर पहुंचकर वहां वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवैद्यनाथ सभागार में आयोजित ’वन नेशन वन इलेक्शन’ पर आयोजित प्रबुद्ध समागम कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग़ कर संबोधित किया और उपस्थित छात्र-छात्राओं द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दिया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत में 1951-52 से 1967 तक एक राष्ट्र एक चुनाव की व्यवस्था लागू थी। इसके पश्चात लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के अलग अलग चुनाव होने लगे। वर्ष 1995 से लेकर  आज तक देश में कहीं न कहीं पर प्रतिवर्ष चुनाव हो रहे। प्रदेश में ही 2021 में पंचायत चुनाव, 2022 में विधानसभा, 2023 में स्थानीय निकाय तथा 2024 में लोकसभा के चुनाव हुए है।

अलग-अलग चुनाव होने से विकास कार्य बाधित होते है। सरकारी मशीनरी को लंबे समय तक चुनाव में लगा रहना होता है, इससे विकास कार्य समय से पूरे नहीं हो पाते और नीतिगत निर्णय भी प्रभावित होते है। इतना ही नहीं  बार-बार चुनाव होने से मतदाताओं की रुचि भी कम हो रही है।

उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ हमारी राष्ट्रीयता मजबूत होगी। प्राचीन काल में हमारा देश बहुत ही समृद्ध और सशक्त राष्ट्र था, सोने की चिड़िया था। ब्रिटिश अर्थशास्त्री अंगस मेडिसन ने भी 18 वीं शताब्दी में ही माना था कि उस समय भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की एक चौथाई थी, जिसे विदेशी आक्रांताओं, मुगलों और अंग्रेजी शासन के दौरान नष्ट कर दिया गया। लेकिन मोदी जी के कुशल नेतृत्व में भारत अपने पुराने वैभव, गौरव व समृद्धि को पुनः प्राप्त करेगा।

उन्होंने कहा कि मा0 प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश की बहुत सी व्यवस्थाओं को एकीकृत करके नागरिकों को बेहतर सुविधाएं दी जा रही है। जैसे कि वन नेशन वन पावर ग्रिड से बेहतर विद्युत आपूर्ति, वन नेशन वन राशन कार्ड से देश में कहीं पर भी राशन प्राप्त करने की सुविधा, जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटाकर वन नेशन वन कांस्टीट्यूशन की व्यवस्था को लागू किया गया है।

इसी प्रकार से सभी देशवासियों के सहयोग से वन नेशन वन इलेक्शन का विधान भी लागू होगा। कहा कि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति 02 सितंबर 2023 को गठित की गई थी। समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि देश में एक साथ चुनाव होने से विकास प्रक्रिया को गति मिलेगी और आपसी सौहार्द, भाईचारा व सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलेगा।

इससे हमारा लोकतंत्र और मजबूत होगा तथा बाबा साहेब की संवैधानिक व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। इस व्यवस्था के लागू होने से पूरे देश में लोकसभा, सभी राज्यों की विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन का विधान महिलाओं के लिए भी बहुत उपयोगी है।

पहलगाम में हुई आतंकी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह दुर्दांत घटना जिन आतंकवादियों ने किया है वे बख्शे नहीं जाएंगे। दरिंदो ने लोगों से हिंदू हो पूछकर हत्या की, किसी की जाति नहीं पूछी। छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं के सामने पुरुषों की हत्या की गई। राष्ट्रीयता की भावना की कमी के चलते ही आतंकवादियों को आश्रय देने तथा छुपाने का कार्य वहीं के लोगों ने ही किया होगा।

इसलिए हम सबको सावधान एवं सतर्क रहना है, देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को चुनौती देने वालों के मंसूबों को सफल नहीं होने देना। डिवाइड एंड रूल की नीति ने हमेशा से हमें कमजोर किया है। हम ’बाटेंगे तो भुगतेंगे’ का मंत्र हमेशा याद रखना। हमारा उत्पीड़न न हो, हमारी तरफ़ कोई आंख उठाकर न देख सके, इसलिए हमें एक रहना है। सभी को राष्ट्र धर्म निभाते हुए राष्ट्र विरोधी ताकतों को रोकना है।

कार्यक्रम में विभिन्न कॉलेजों व विश्वविद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं द्वारा वन नेशन वन इलेक्शन की खूबियां और परिस्थितियों पर पूछे गए महत्वपूर्ण प्रश्नों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वन इलेक्शन से ज्यादा महत्वपूर्ण वन नेशन है।

जम्मू कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक पश्चिम से लेकर पूर्वोत्तर तक एक राष्ट्र की भावना प्रबल होनी चाहिए। वर्ष 2013 में पूर्वोत्तर के 13 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने नरेंद्र मोदी जी से गुजरात में मिलकर पूर्वोत्तर के राज्यों की समस्याओं पर चर्चा की तथा पूर्वोत्तर के राज्यों का विदेशी शक्तियों के हाथों में जाने की आशंका व्यक्त की थी।

जम्मू कश्मीर में आतंकवाद, झारखंड और छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद चरम पर था, जिसका खात्मा हुआ है। वन नेशन वन इलेक्शन से राष्ट्रवाद की भावना प्रबल होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के कार्यों में किसी भी प्रकार का खलल नहीं होना चाहिए।

राजनीतिक दलों के खाने के दांत और तथा दिखाने के दांत और होते है, राजनीति में जातिगत मुद्दा जितना बना, उतना विकास का मुद्दा नहीं बन पाया, जबकि विकास कार्यों को लेकर स्पर्धा होनी चाहिए थी। अब उनके दोहरे चरित्र व तुष्टीकरण से जनता को मुक्ति मिलेगी।

बार बार के चुनाव से राष्ट्र तथा जनता के लिए आवश्यक कार्यों को टाला नहीं जा सकता। वन नेशन वन इलेक्शन पर 47 दलों ने अपना मत सुझाव दिया है, इसमें से 32 से 35 दल अपना समर्थन दे रहे तथा 10 से 12 दल इसका विरोध कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश में विदेशी घुसपैठियों ने अपना ठिकाना बना लिया है, उनका महत्व बढ़ता जा रहा है। ऐसे लोग देश के सम्मानित मतदाता बन चुके हैं और देश और यहां के निवासियों के लिए खतरा बन चुके हैं। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सबका साथ, सबका विकास के संकल्प को पूरा करने के लिए वन नेशन वन इलेक्शन की व्यवस्था आवश्यक है।

माननीय प्रधानमंत्री जी ने 2014 में स्वच्छ भारत अभियान चलाया, पूरे देश में अब स्वच्छता, साफ सफाई दिख रही है। उन्होंने 60 करोड़ किसानों, गरीबों, मजलूमों के खातों में सीधे पैसा भेजा,जो कि पूरा का पूरा पहुंचा है,बीच में किसी बिचौलिए के हाथ एक भी पैसा नहीं लगा।

पूर्व के समय में दिल्ली से 100 रुपए दिया जाता है लेकिन गांव तक मात्र 15 रुपए ही पहुंचता है, बीच में 85 रुपए भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। पूर्व की सरकारों ने ज्यादा समय राज्य की सरकारों को गिराने, अस्थिर करने तथा अव्यवस्था फैलाने में लगाया। देश के विकास के लिए कभी बड़ा कदम नहीं उठाया।

मंत्री ने इस दौरान जौनपुर में नगर विकास की 36.09 करोड रुपए लागत के 128 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें नगर पालिका परिषद जौनपुर में 7.73 करोड रुपए के 41 कार्य, नगर पालिका परिषद शाहगंज में 2.47 करोड रुपए के 07 कार्य, नगर पालिका परिषद मुंगरा बादशाहपुर में 5.62 करोड रुपए के 08 कार्य, नगर पंचायत रामपुर में 1.36 करोड रुपए के 06 कार्य, नगर पंचायत मडियाहू में 7.33 करोड रुपए के 23 कार्य, नगर पंचायत केराकत में 2.04 करोड रुपए के 08 कार्य, नगर पंचायत कचगांव में 3.20 करोड रुपए के 10 कार्य, नगर पंचायत खेतासराय में 1.95 करोड रुपए के 06 कार्य, नगर पंचायत बदलापुर में 48 लाख रुपए के 05 कार्य, नगर पंचायत मछलीशहर में 1.60 करोड रुपए के 08 कार्य, नगर पंचायत गौराबादशाहपुर में 2.32 करोड रुपए के 06 कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी डा0 दिनेश चन्द्र, मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारी ने मंत्री का स्वागत किया।

मंत्री ए.के. शर्मा ने सभी देशवासियों और प्रदेशवासियों से अपील की वन नेशन वन इलेक्शन के विधान को देश में लागू कराने के लिए आगे आए और भाजपा को अपना समर्थन देकर मोदी जी और योगी जी के हाथों को और मजबूत करें।

मंत्री ए.के. शर्मा के सोमवार को जौनपुर आगमन पर रास्ते में बीजेपी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, शुभचिंतकों, नगर निगमों के अध्यक्ष और सभासदो ने तहेदिल से स्वागत किया, अपार सम्मान देकर स्नेहिल मुलाकात किया। मंत्री जी ने सभी को धन्यवाद एवं शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीशचंद्र यादव, राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, जिलाध्यक्ष भाजपा पुष्पराज सिंह, विधायक रमेश चंद्र मिश्रा, ब्रिजेश सिंह ‘प्रिंशु’, सदस्य विधान परिषद कृपा शंकर सिंह, पूर्व गृह राज्यमंत्री महाराष्ट्र सरकार, नगरीय निकायों के अध्यक्ष व सभासद, ब्लॉक प्रमुख एवं हजारों की संख्या में माताएं-बहने, क्षेत्रवासी, गणमान्य नागरिक, छात्र एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

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