Jaunpur : आयुष्मान कार्ड में लापरवाही पर चिकित्साधिकारियों का वेतन रुका
जौनपुर: आयुष्मान कार्ड में लापरवाही पर DM का चाबुक, 4 चिकित्साधिकारियों का वेतन रोका; अस्पतालों में गंदगी पर दी चेतावनी
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन ; वरुण यादव की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जौनपुर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है।
जिलाधिकारी (DM) डॉ. दिनेश चंद्र ने ‘आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने में बरती जा रही घोर लापरवाही पर कड़ा एक्शन लिया है।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य शासी निकाय की बैठक में डीएम ने खराब प्रदर्शन करने वाले 4 विकास खंडों के चिकित्साधिकारियों का वेतन रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं।
इन 4 ब्लॉकों के चिकित्साधिकारियों का वेतन रुका
बैठक में आयुष्मान कार्ड योजना की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि पिछले 41 दिनों में कई ब्लॉकों में 1000 से भी कम कार्ड बनाए गए हैं।
इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने मुंगराबादशाहपुर, धर्मापुर, सुइथाकला और बदलापुर के चिकित्साधिकारियों (MO) का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही बरसठी, मड़ियाहूं, जलालपुर, सिरकोनी, सिकरारा और सुजानगंज के चिकित्सा अधीक्षकों को भी कड़ी चेतावनी देते हुए एक सप्ताह के भीतर प्रगति लाने का अल्टीमेटम दिया गया है।
रोजाना 250 आयुष्मान कार्ड बनाने का टारगेट
योजना को गति देने के लिए डीएम डॉ. दिनेश चंद्र ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अब से प्रत्येक विकास खंड (ब्लॉक) में प्रतिदिन कम से कम 250 आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से बनाए जाएं।
यदि इस लक्ष्य को पूरा नहीं किया गया, तो संबंधित चिकित्साधिकारी की तीन वेतन वृद्धि (Increments) रोक दी जाएंगी और उनके सर्विस रिकॉर्ड में ‘प्रतिकूल प्रविष्टि’ (Adverse Entry) दर्ज की जाएगी।
‘अस्पतालों में गंदगी मिली तो MOIC नपेंगे’
जिलाधिकारी ने सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा पर भी अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और जिला चिकित्सालय में मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए सख्त निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों में नियमित रूप से साफ-सफाई होनी चाहिए और मरीजों के बेड की चादरें रोज बदली जानी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि औचक निरीक्षण में किसी भी अस्पताल में गंदगी पाई गई, तो संबंधित एमओआईसी (MOIC) का वेतन रोकने के साथ ही उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ध्रुव खाड़िया, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. प्रभात, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) और विभिन्न ब्लॉकों के चिकित्सा अधीक्षक उपस्थित रहे।










