Inmates performing yoga during a practice session at the Jaunpur District Jail ahead of International Yoga Day

जौनपुर: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी, जेल में हुआ पूर्वाभ्यास

🧘‍♂️ जौनपुर जिला जेल में योग दिवस की भव्य तैयारी: बंदियों को कराया गया योगाभ्यास, बताए गए शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के गुर “

जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट 

आगामी ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ (International Yoga Day) को लेकर जौनपुर जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्टिव मोड में है।

शासन के कड़े निर्देशों के क्रम में, जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. और मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया के दिशा-निर्देशन में रविवार को जौनपुर के जिला कारागार (District Jail) में एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया।

इस सत्र में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. कमल के नेतृत्व में जेल के बंदियों को योग प्रोटोकॉल का पूर्वाभ्यास (Practice) कराया गया, ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को स्वस्थ रख सकें।

‘The Politics Again’ की इस रिपोर्ट में आइए जानते हैं इस आयोजन की प्रमुख बातें:

🌿 जीवन शैली का अहम हिस्सा है योगाभ्यास

कार्यक्रम के दौरान डॉ. कमल ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि नियमित रूप से किया गया योगाभ्यास किसी भी व्यक्ति के ‘मनोदैहिक स्वास्थ्य’ (Psychosomatic Health) को सर्वोत्तम बनाने में बेहद कारगर है।

इसलिए, हर व्यक्ति को प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या और जीवन शैली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जरूर बनाना चाहिए।

🧘‍♂️ बंदियों ने सीखे तनाव और बीमारियों से बचने के उपाय

जेल परिसर में मौजूद योग प्रशिक्षक अचल हरीमूर्ति और अरविंद कुमार ने बंदियों को प्रोटोकॉल के अनुसार पूर्वाभ्यास कराया।

  • सरल व्यायाम: प्रशिक्षकों ने विविध प्रकार के सरल और सहज व्यायामों का अभ्यास कराते हुए उनसे होने वाले लाभों की जानकारी दी।

  • मानसिक संतुलन: श्री हरीमूर्ति ने बताया कि जब व्यक्ति के भीतर मानसिक और शारीरिक रूप से असंतुलन उत्पन्न होता है, तभी वह विकारों से ग्रसित होता है और बीमारियों की चपेट में आ जाता है।

  • शारीरिक और मानसिक परिपक्वता के लिए नियमित रूप से कपालभाति, भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और उद्गीथ प्राणायाम के साथ ध्यान (Meditation) का अभ्यास बेहद जरूरी है।

💡 स्वास्थ्य की ‘संजीवनी’ है कपालभाति प्राणायाम

पतंजलि योग समिति उत्तर प्रदेश के सह राज्य प्रभारी अचल हरीमूर्ति ने स्वास्थ्य की दृष्टि से ‘कपालभाति’ को सबसे लाभकारी प्राणायाम बताया।

  • गंभीर बीमारियों से बचाव: उन्होंने बताया कि कपालभाति के नियमित अभ्यास से डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, लीवर व किडनी की समस्याएं, गैस-एसिडिटी और यहां तक कि ‘मोटापा’ जैसी गंभीर समस्याओं का जड़ से निदान होता है।

  • नर्वस सिस्टम होता है मजबूत: मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर करने और नर्वस सिस्टम (Nervous System) को मजबूत बनाने के लिए भी कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है।

जेल प्रशासन की इस पहल से बंदियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार देखा गया और उन्होंने योग को अपनी नियमित दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया।

नोट: जौनपुर जिले की हर बड़ी गतिविधि, सरकारी अभियानों और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता की ताज़ा खबरों के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।

PREMIUM NEWS

अपनी Premium Membership चुनें

Premium articles बिना restriction पढ़ें।

Monthly

₹99/month

30 days Premium access

You have successfully subscribed to the newsletter

There was an error while trying to send your request. Please try again.

The Politics Again will use the information you provide on this form to be in touch with you and to provide updates and marketing.