जौनपुर में स्कूल जाते हुए बच्चे और प्राथमिक विद्यालय का भवन

जौनपुर: आठ जुलाई से सभी स्कूल सुबह आठ से दो बजे तक

जौनपुर: 8 जुलाई से बदलेगा स्कूलों का समय, सुबह 8 से 2 बजे तक चलेंगी कक्षाएं; जर्जर भवनों को लेकर BSA सख्त”

जौनपुर : THE POLITICS AGAIN : वरुण यादव की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के जौनपुर (Jaunpur) जिले में मौसम के सामान्य होने के बाद स्कूली बच्चों और शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है।

जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. समीर ने जनपद में कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों के संचालन समय में बदलाव कर दिया है। यह नई व्यवस्था बुधवार, 8 जुलाई 2026 से पूरे जिले में प्रभावी हो जाएगी।

अब यह होगा स्कूलों का नया समय

BSA कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले में संचालित सभी परिषदीय, सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE), मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, मदरसे और अन्य सभी बोर्ड के विद्यालयों का संचालन अब सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक किया जाएगा।

दैनिक दिनचर्या (Schedule) इस प्रकार रहेगी

  • प्रार्थना सभा/योगाभ्यास: परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सुबह 8:00 बजे से 8:15 बजे तक का समय प्रार्थना और योगाभ्यास के लिए निर्धारित किया गया है।

  • मध्यावकाश (Lunch Break): बच्चों के लिए लंच का समय सुबह 10:30 बजे से 11:00 बजे (आधे घंटे) तक रहेगा।

शिक्षकों के लिए विशेष निर्देश: पहले आना और बाद में जाना होगा

समय में बदलाव के साथ-साथ शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर भी स्पष्ट गाइडलाइन जारी की गई है।

  • जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिया है कि विद्यालय के सभी शिक्षक और स्टाफ शिक्षण अवधि शुरू होने से 15 मिनट पहले (यानी 7:45 AM तक) विद्यालय में उपस्थित होंगे।

  • इसके अलावा, दोपहर 2 बजे शिक्षण कार्य समाप्त होने के बाद शिक्षकों को कम से कम 30 मिनट तक (यानी 2:30 PM तक) विद्यालय में रुकना होगा, ताकि वे आवश्यक शैक्षणिक डायरी (Lesson Plan) और अन्य प्रशासनिक कार्य पूरे कर सकें।

छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि: जर्जर भवनों को लेकर सख्त चेतावनी

बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाध्यापकों को छात्रों की सुरक्षा के प्रति अलर्ट किया है।

BSA डॉ. समीर ने सख्त लहजे में निर्देशित किया है कि यदि किसी भी विद्यालय का भवन जर्जर, जर्जर छत या असुरक्षित स्थिति में है, तो वहां किसी भी परिस्थिति में बच्चों को न बैठाया जाए।

छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसे असुरक्षित भवनों का उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाए और बच्चों के लिए किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन आदेशों का कड़ाई से पालन नहीं करने वाले विद्यालयों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।