जौनपुर: CM युवा उद्यमी योजना से बदली युवाओं की जिंदगी, बने ‘जॉब क्रिएटर’
जौनपुर: ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ बने युवा, ‘CM युवा उद्यमी योजना’ से मिली सपनों को नई उड़ान “
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
एक समय था जब उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद युवा केवल सरकारी या प्राइवेट नौकरियों की तलाश में दर-दर भटकते थे।
लेकिन अब उत्तर प्रदेश सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना’ (सी०एम० युवा) ग्रामीण अंचलों के युवाओं के लिए आशा की एक नई किरण बनकर उभरी है।
यह योजना युवाओं को न केवल आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि उन्हें ‘रोजगार मांगने वाले’ से ‘रोजगार देने वाला’ (Job Creator) बना रही है।
जौनपुर जिले के दो युवाओं—अनामिका सरोज और राज कुमार सिंह—की सफलता की कहानियां इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि अगर सही समय पर सरकारी सहयोग और मार्गदर्शन मिल जाए, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता।
अनामिका सरोज: ब्यूटी पार्लर से लिखी आत्मनिर्भरता की इबारत
मछलीशहर तहसील के कुरनी (समधगंज) की रहने वाली ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी अनामिका सरोज ने जब अपना स्नातक (Graduation) पूरा किया, तो उनके मन में अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार का सहारा बनने का सपना था। रोजगार के लिए उन्होंने कई प्रयास किए, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी।
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योजना ने दिखाई राह: इसी भटकाव के बीच उन्हें ‘सी०एम० युवा उद्यमी योजना’ की जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, जौनपुर से संपर्क किया।
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5 लाख का ऋण और नई शुरुआत: विभाग के सहयोग से अनामिका को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), मछलीशहर शाखा से ₹5 लाख का ऋण प्राप्त हुआ।
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आज की स्थिति: इस आर्थिक मदद से अनामिका ने अपना ‘ब्यूटी पार्लर’ शुरू किया। आज वे न केवल खुद एक सफल व्यवसायी हैं, बल्कि उन्होंने दो अन्य महिलाओं को भी रोजगार देकर उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में बड़ा योगदान दिया है।
राज कुमार सिंह: संघर्ष को दी मात, युवाओं के लिए बने प्रेरणा
इसी योजना के एक अन्य लाभार्थी हैं जौनपुर के नौरंगाबाद (गजेंद्रपुर) निवासी राज कुमार सिंह। स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद राज कुमार भी अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में हाथ बंटाना चाहते थे, लेकिन रोजगार के सीमित अवसरों ने उनका रास्ता रोक रखा था।
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सही मार्गदर्शन: लगातार असफलता से निराश होने के बजाय राज कुमार ने सी०एम० युवा योजना के तहत आवेदन किया।
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स्वरोजगार की स्थापना: जिला उद्योग केन्द्र के मार्गदर्शन में उन्हें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, शाखा पट्टीनरेन्द्रपुर से ₹5 लाख का ऋण स्वीकृत हुआ।
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सफलता का सफर: मेहनत और समर्पण के बल पर राज कुमार ने अपना स्वरोजगार स्थापित किया।
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आज वे सम्मानजनक आजीविका कमा रहे हैं और अपनी ही तरह रोजगार की तलाश कर रहे दो अन्य युवाओं को काम देकर उनके जीवन में उम्मीद की नई रोशनी जगा रहे हैं।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम: एक सशक्त पहल
‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना’ केवल वित्तीय सहायता (लोन) बांटने वाली योजना नहीं है, बल्कि यह धरातल पर युवाओं के सपनों को साकार करने का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है।
अनामिका और राज कुमार की सफलता यह साफ संदेश देती है कि जब सरकार की कल्याणकारी योजनाएं सही पात्रों और जरूरतमंदों तक पहुंचती हैं, तो वे केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज और अर्थव्यवस्था का भविष्य बदल कर रख देती हैं।










