कराची में सिंध रेंजर्स मुख्यालय पर आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
कराची आतंकी हमले पर भारत का कड़ा जवाब, बोला- पाकिस्तान पहले अपने आतंकी ढांचे पर करे कार्रवाई”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पाकिस्तान के कराची शहर में सिंध रेंजर्स के मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपनी धरती पर मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए और आतंकवाद को सरकारी नीति के रूप में इस्तेमाल करना बंद करना चाहिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कराची की घटना को लेकर भारत पर लगाए गए पाकिस्तान के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि भारत इन आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज करता है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को आत्ममंथन करना चाहिए और अपनी सीमा के भीतर सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
भारत ने दोहराया कि आतंकवाद के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
शनिवार शाम कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग मुख्यालय पर आतंकवादियों ने हमला किया।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों ने पहले विस्फोट किए और उसके बाद फायरिंग करते हुए परिसर में प्रवेश कर गए। करीब 90 मिनट तक चली मुठभेड़ में चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई।
सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई में छह आतंकवादियों को मार गिराया, जबकि एक हमलावर को जीवित गिरफ्तार किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। घटना के दौरान पूरे इलाके की घेराबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली है, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़ा चरमपंथी गुट माना जाता है।
यह संगठन पहले भी पाकिस्तान में सुरक्षा बलों और सरकारी प्रतिष्ठानों पर कई हमलों की जिम्मेदारी ले चुका है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सुरक्षा और सीमा पार आतंकवाद को लेकर तनाव बना हुआ है।
पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल टीटीपी से जुड़े आतंकवादी पाकिस्तान में हमलों के लिए कर रहे हैं। वहीं अफगान पक्ष इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कराची में हुआ यह हमला पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
अक्टूबर 2024 में कराची एयरपोर्ट के पास हुए आत्मघाती हमले के बाद यह शहर में सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक माना जा रहा है।
फिलहाल पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं, जबकि भारत ने स्पष्ट किया है कि इस घटना को लेकर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और पाकिस्तान को अपनी धरती पर आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए।
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