पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का दिया सशर्त प्रस्ताव; अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट।
ईरान का बड़ा कूटनीतिक दांव: अमेरिका नाकेबंदी हटाए तो 7 दिन में खोलेंगे ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’, कच्चे तेल के गिरे दाम”
न्यूयॉर्क/तेहरान: संतोष सेठ की रिपोर्ट (THE POLITICS AGAIN)
पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष और सैन्य तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा कूटनीतिक प्रस्ताव पेश किया है।
एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका अपना सैन्य दबाव कम करता है और बंदरगाहों से नाकेबंदी हटा लेता है,
तो तेहरान मात्र सात दिनों के भीतर रणनीतिक रूप से बेहद अहम ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए तैयार है। यह शांति प्रस्ताव मध्यस्थों के जरिए वॉशिंगटन तक पहुंचा दिया गया है।
ईरान की योजना है कि वह न्यूयॉर्क में चल रही संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक के दौरान मध्यस्थ देशों के साथ इस नई पहल पर अहम चर्चा करे।
‘क्योडो न्यूज़’ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी अधिकारी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच किसी भी सीधी मुलाकात की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है।
हालांकि, अधिकारी ने कूटनीतिक रास्ते खुले रखते हुए कहा कि “यदि वॉशिंगटन गंभीरता और प्रतिबद्धता दिखाता है, तो दोनों देशों के बीच किसी नए समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है।”
गौरतलब है कि इस साल फरवरी के अंत में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद से पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात बने हुए हैं।
जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुआ समझौता (MoU) भी टूट गया था, जिससे क्षेत्र में मिलिट्री तनाव चरम पर है।
मौजूदा गतिरोध को तोड़ने और बातचीत फिर से शुरू करने के लिए ईरान ने पहले ही सात प्रमुख शर्तें रखी हैं।
इनमें अमेरिकी सैन्य गतिविधियों पर रोक, ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करना और ईरान की फ्रीज की गई अरबों डॉलर की विदेशी संपत्ति को बहाल करना मुख्य रूप से शामिल है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया भर में तेल आपूर्ति का सबसे अहम समुद्री रास्ता है। ईरानी बंदरगाहों पर पाबंदियों के कारण कच्चे तेल के एक्सपोर्ट और समुद्री ट्रैफिक पर भारी असर पड़ा था।
लेकिन, ईरान द्वारा इस रास्ते को फिर से खोलने के सशर्त प्रस्ताव की खबर आते ही ग्लोबल क्रूड सप्लाई में रुकावट की चिंताएं काफी हद तक कम हो गई हैं।
इस सकारात्मक संकेत के परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई और कीमतें $99 प्रति बैरल से नीचे आ गईं।
ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमत में अपने उच्चतम स्तर से 3.5% से अधिक की गिरावट आई है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 2.25% टूट गया है।
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