फ्रांस के नीस में आयोजित 'भारत इनोवेट्स 2026' सम्मेलन ने भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक पहचान दिलाई है, जहां 254.5 मिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त हुआ।
नीस में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का शानदार समापन: 254.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग के साथ ग्लोबल डीप-टेक हब बना भारत “
नीस (फ्रांस): द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत ने वैश्विक तकनीकी और इनोवेशन मंच पर अपनी धाक जमा ली है। फ्रांस के नीस शहर में आयोजित तीन दिवसीय महाकुंभ ‘भारत इनोवेट्स 2026’ (Bharat Innovates 2026) का सफलतापूर्वक समापन हो गया है।
इस सम्मेलन ने ग्लोबल डीप-टेक (Deep-Tech) और इनोवेशन हब के रूप में भारत की स्थिति को ऐतिहासिक मजबूती प्रदान की है।
इस वैश्विक आयोजन में भारत, फ्रांस और दुनिया भर के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। तीन दिनों तक चले इस कार्यक्रम में टेक्नोलॉजी शोकेस, इन्वेस्टर पिचिंग, बिजनेस मीटिंग्स और संस्थागत चर्चाओं का दौर चला, जिसने भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए नए दरवाजे खोल दिए हैं।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए भारत के केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने ‘भारत इनोवेट्स’ के पहले संस्करण को एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया।
उन्होंने शोध आधारित नवाचार को बढ़ावा देने में भारत के उच्च शिक्षा इकोसिस्टम की सराहना की। स्टार्टअप्स और अन्वेषकों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने कहा, “दुनिया आपका मंच है।”
श्री गोयल ने ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर 2026’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की साझा दूरदर्शिता का परिणाम है, जो भविष्य के तकनीकी सहयोग का एक परिवर्तनकारी मंच साबित होगी।
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने सम्मेलन के शानदार नतीजों को पेश किया।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब सरकार, शिक्षा जगत, उद्योग और अंतरराष्ट्रीय निवेशक एक साथ आते हैं, तो असीम संभावनाएं जन्म लेती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सम्मेलन भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन भारतीय नवाचार की असली उड़ान अभी शुरू हुई है।
शिक्षा मंत्रालय की इस पहल में 120 चुने हुए भारतीय डीप-टेक अन्वेषकों और 15 प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों (जैसे IIT, IISc) की 45 तकनीकी परियोजनाओं का प्रदर्शन किया गया।
तीन दिवसीय आयोजन के आंकड़े इसकी अपार सफलता की गवाही देते हैं:
2,000 से अधिक प्रतिभागी: 29 देशों के लोग और 500 से अधिक फ्रांसीसी निवेशक शामिल हुए।
1,350+ B2B मीटिंग्स: स्टार्टअप्स, निवेशकों और कॉरपोरेट घरानों के बीच सीधा संवाद।
254.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग: भारतीय स्टार्टअप्स के लिए लगभग 254.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 2100 करोड़ रुपये) की फंडिंग और निवेश प्रतिबद्धताएं प्राप्त हुईं, जिसमें अमेरिका और जापान के निवेशक भी शामिल हैं।
50+ सहयोग समझौते: उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में करार।
इस सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, बायोटेक्नोलॉजी, स्पेस-टेक, रक्षा तकनीक, ऊर्जा और जलवायु प्रौद्योगिकी जैसे गंभीर विषयों पर मास्टरक्लास और चर्चाएं हुईं।
‘नथिंग’ (Nothing) के सह-संस्थापक अकिस इवांजेलिडिस ने भी प्रोडक्ट डेवलपमेंट और इंटरनेशनल ग्रोथ पर अपने विचार साझा किए।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उद्घाटन भाषण के उस संदेश को इस सम्मेलन ने पूरी तरह चरितार्थ किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘नवाचार मानव सभ्यता का अगला अध्याय है।’
भारत इनोवेट्स 2026 ने अत्याधुनिक तकनीकों के व्यावसायीकरण और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक भारतीय प्रतिभाओं की पहुंच को एक नई गति दी है।
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