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राजस्थान: 7.5 करोड़ नागरिकों के लिए डिजिलॉकर पर जन आधार उपलब्ध

राजस्थान: अब डिजिलॉकर पर उपलब्ध हुआ ‘जन आधार’, 7.5 करोड़ नागरिकों को मिली बड़ी डिजिटल सुविधा “

जयपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

राजस्थान के निवासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। राज्य के लगभग 7.5 करोड़ नागरिक (75 लाख परिवार) अब अपना ‘जन आधार’ (पारिवारिक पहचान पत्र) सीधे डिजिलॉकर (DigiLocker) पर देख और डाउनलोड कर सकते हैं।

भारत सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम के तहत इस प्रमुख डिजिटल दस्तावेज़ वॉलेट ने राजस्थान सरकार द्वारा जारी जन आधार को अपने प्लेटफॉर्म पर इंटीग्रेट कर लिया है। अब नागरिकों को हर जगह भौतिक कार्ड (फिजिकल कार्ड) लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी।

कैसे काम करेगा यह डिजिटल एकीकरण?

यह सुविधा दोनों दिशाओं में काम करती है। नागरिक न केवल अपने मौजूदा जन आधार को डिजिलॉकर में सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि डिजिलॉकर ऐप के भीतर से ही नए पारिवारिक पहचान पत्र के लिए डिजिटल रूप से पंजीकरण कर सहमति भी दे सकते हैं।

सिर्फ 4 आसान चरणों में डिजिलॉकर पर पाएं अपना जन आधार:

  1. लॉगिन करें: डिजिलॉकर ऐप खोलें या digilocker.gov.in पर जाकर साइन इन करें।

  2. सर्च करें: ‘राजस्थान राज्य सरकार की सेवाओं’ के अंतर्गत जाकर “जन आधार” खोजें।

  3. विवरण दर्ज करें: अपना आवश्यक विवरण भरें और सहमति (Consent) दें।

  4. दस्तावेज़ पाएं: आपका जन आधार तुरंत प्राप्त हो जाएगा और हमेशा के लिए आपके डिजिलॉकर खाते में सुरक्षित (Save) हो जाएगा।

जन आधार: कल्याणकारी योजनाओं की ‘मास्टर की’

राजस्थान में जन आधार एक प्रमुख घरेलू पहचान पत्र है। इसे डिजिलॉकर पर रखने का सीधा मतलब है कि दर्जनों सरकारी योजनाओं की चाबी हमेशा नागरिक की जेब (स्मार्टफोन) में रहेगी। इस डिजिटल एकीकरण से नागरिकों को निम्नलिखित सेवाओं तक निर्बाध पहुंच मिलेगी:

  • चिरंजीवी योजना के तहत स्वास्थ्य सेवा लाभ

  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और राशन का लाभ

  • छात्रों के लिए छात्रवृत्ति

  • जन आधार इकोसिस्‍टम से जुड़ी अन्य सभी कल्याणकारी पहलें

इस पहल से नागरिकों को होने वाले प्रमुख लाभ

  • त्वरित साझाकरण: जरूरत पड़ने पर सत्यापन (Verification) के लिए जन आधार को आसानी से डिजिटल रूप में साझा किया जा सकता है।

  • पेपरलेस शासन: कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिलेगी और सरकारी काम में तेजी आएगी।

  • सुगम पहुंच: स्वास्थ्य, शिक्षा और राशन जैसी सुविधाओं का लाभ उठाना अब और भी आसान हो जाएगा।

  • पारदर्शिता: यह कदम पारदर्शी और कुशल शासन को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा।

डिजिलॉकर क्या है?

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत डिजिलॉकर भारत सरकार का एक सुरक्षित, क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म है।

यह नागरिकों को उनके प्रामाणिक डिजिटल दस्तावेज़ों को सहेजने और सत्यापित करने की सुविधा देता है, जिससे कागजी दस्तावेजों के खोने या खराब होने का डर खत्म हो जाता है।

Santosh SETH

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