माल ढुलाई को रफ्तार देने और पनवेल जंक्शन को जाममुक्त करने के लिए रेलवे ने 172 करोड़ रुपये की लागत वाली 'सोमताने-चिखली कॉर्ड लाइन' को मंजूरी दे दी है।
माल परिवहन को बड़ी रफ्तार: रेलवे ने पनवेल जंक्शन को जाममुक्त करने के लिए 172 करोड़ की सोमताने-चिखली कॉर्ड लाइन को दी मंजूरी “
मुंबई/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारतीय रेलवे ने महाराष्ट्र में रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने और माल ढुलाई (Freight Transport) को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है।
मध्य रेलवे के अंतर्गत 172 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 3.7 किलोमीटर लंबी ‘सोमताने-चिखली कॉर्ड लाइन’ के निर्माण को रेलवे बोर्ड ने अपनी मंजूरी दे दी है।
इस परियोजना के पूरा होने से न केवल ट्रेनों की आवाजाही तेज होगी, बल्कि मुंबई क्षेत्र के सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शनों में शुमार पनवेल जंक्शन को भी भारी भीड़भाड़ से मुक्ति मिलेगी।
पनवेल जंक्शन वर्तमान में रोहा, जेएनपीटी, कर्जत और दिवा सहित चार प्रमुख दिशाओं का यातायात संभालता है।
अब तक कर्जत और रोहा मार्गों के बीच कोई सीधी कॉर्ड लाइन नहीं होने के कारण ट्रेनों को पनवेल जंक्शन से होकर गुजरना पड़ता था, जिससे भारी जाम और परिचालन संबंधी बाधाएं उत्पन्न होती थीं।
यह नई कॉर्ड लाइन कर्जत मार्ग पर चिखली और रोहा मार्ग पर सोमताने के बीच एक सीधा संपर्क स्थापित करेगी।
इससे ट्रेनें बिना पनवेल जंक्शन में प्रवेश किए और बिना इंजन बदले सीधे अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगी।
यह कॉर्ड लाइन परियोजना जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) से जुड़े माल यातायात के लिए एक ‘गेम चेंजर’ साबित होने वाली है।
जेएनपीटी भारत के लगभग 60 प्रतिशत कंटेनर यातायात को अकेले संभालता है।
वर्तमान व्यवस्था में कर्जत, जसई और रोहा कॉरिडोर के बीच चलने वाली मालगाड़ियों को पनवेल जंक्शन जाना पड़ता है और आगे बढ़ने से पहले उनका इंजन बदलना पड़ता है, जिसमें काफी समय बर्बाद होता है।
सोमताने-चिखली कॉर्ड लाइन के चालू होने से मालगाड़ियां पनवेल को सीधे बाईपास कर सकेंगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस बाईपास सुविधा से प्रत्येक मालगाड़ी के यात्रा समय में लगभग 110 मिनट (करीब दो घंटे) की भारी बचत होने की उम्मीद है। इससे टर्नअराउंड समय घटेगा और रसद (Logistics) दक्षता में अभूतपूर्व सुधार होगा।
इस परियोजना के पूरा होने से प्रति वर्ष नौ मिलियन टन (9 MTPA) अतिरिक्त माल यातायात का संचालन संभव हो सकेगा।
यह नई लाइन जेएनपीटी-कर्जत और जेएनपीटी-रोहा खंडों पर पहले से स्वीकृत पनवेल एलिवेटेड कॉर्ड लाइनों की पूरक बनेगी।
इस स्वीकृति के साथ भारतीय रेलवे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह देश की बढ़ती आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और कुशल माल परिवहन अवसंरचना के विकास पर पूरी तरह से केंद्रित है।
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