भारत-बेल्जियम रक्षा वार्ता: राजनाथ सिंह और थियो फ्रैंकन के बीच बैठक
भारत-बेल्जियम के बीच रक्षा संबंधों को नई धार: राजनाथ सिंह ने बेल्जियम के रक्षा मंत्री के साथ की द्विपक्षीय वार्ता”
नई दिल्ली : संतोष सेठ की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN
भारत और बेल्जियम ने अपने द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है।
रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार (3 सितंबर, 2026) को नई दिल्ली में बेल्जियम के रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री श्री थियो फ्रैंकन (Theo Francken) के साथ एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की।
इस वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा और औद्योगिक सहयोग के सभी प्रमुख पहलुओं की गहन समीक्षा की गई।
रक्षा संबंधों के विस्तार पर बनी सहमति
इस बैठक में दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कई अहम बिंदुओं पर सहमति जताई।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्ष निम्नलिखित माध्यमों से द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने पर सहमत हुए हैं:
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रक्षा सहयोग वार्ता: नियमित स्तर पर कूटनीतिक और रक्षा वार्ताएं आयोजित करना।
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उच्च स्तरीय यात्राएं: दोनों देशों के सैन्य और रक्षा अधिकारियों के बीच लगातार संपर्क और दौरे बढ़ाना।
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प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण: सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों को साझा करना और एक-दूसरे की रक्षा क्षमताओं को मजबूत (Capacity Building) करना।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र और समुद्री सुरक्षा पर फोकस
रक्षा संबंधों के अलावा, दोनों नेताओं ने वैश्विक और क्षेत्रीय शांति व सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की।
वार्ता के दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में समुद्री सुरक्षा सहयोग की बढ़ती आवश्यकता को विशेष रूप से स्वीकार किया गया।
दोनों मंत्रियों ने इस बात को दोहराया कि भारत और बेल्जियम के बीच की यह साझेदारी आपसी विश्वास और सम्मान के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर मजबूती से टिकी हुई है।
प्रधानमंत्री स्तर की वार्ता के समानांतर हुई बैठक
यह द्विपक्षीय रक्षा वार्ता एक बड़े कूटनीतिक कार्यक्रम का हिस्सा थी। इसका आयोजन उसी समय किया गया, जब नई दिल्ली में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री श्री बार्ट डी वेवर (Bart De Wever) के बीच शीर्ष स्तर की द्विपक्षीय वार्ता चल रही थी।
यह बैठक दोनों देशों के बीच भविष्य की मजबूत रणनीतिक और रक्षात्मक साझेदारी का स्पष्ट संकेत है।











