PM मोदी और बेल्जियम के PM वार्ता : 5 साल में व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
भारत-बेल्जियम के बीच ऐतिहासिक द्विपक्षीय वार्ता: व्यापार, रक्षा और ऊर्जा पर हुए अहम समझौते, 20 साल बाद आए बेल्जियम के PM
नई दिल्ली : संतोष सेठ की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के बीच गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता संपन्न हुई।
पिछले दो दशकों में किसी बेल्जियम के प्रधानमंत्री की यह पहली भारत यात्रा है, जिसे दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों में एक नए और महत्वपूर्ण दौर की शुरुआत माना जा रहा है।
वार्ता के प्रमुख बिंदु और समझौते
इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, निवेश, इनोवेशन, सेमीकंडक्टर, फिनटेक और महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) जैसे अहम क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा की। वार्ता के बाद कई रणनीतिक फैसले लिए गए:
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व्यापार होगा दोगुना: दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में आपसी व्यापार को दोगुना करने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है।
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MoU का आदान-प्रदान: रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, संगठित अपराध से निपटने और राजनयिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए।
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नए मंचों की शुरुआत: आर्थिक और राजनयिक संबंधों को गति देने के लिए एक ‘बिजनेस फोरम’, ‘इन्वेस्टमेंट फोरम’ और नई ‘कॉन्सुलर वार्ता’ शुरू करने पर सहमति बनी।
शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी
इस कूटनीतिक बैठक में भारत की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा और विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज सहित कई शीर्ष अधिकारी शामिल रहे।
CII कार्यक्रम और आगे का मुंबई दौरा
पीएम बार्ट डी वेवर (जिन्होंने पिछले साल फरवरी में पद संभाला था) अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान ‘कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री’ (CII) के एक बिजनेस इवेंट में मुख्य भाषण भी देंगे।
यह आयोजन विशेष रूप से भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के संदर्भ में हो रहा है।
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दिल्ली के कार्यक्रम पूरे करने के बाद शुक्रवार को वे मुंबई रवाना होंगे।
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मुंबई में वे हीरा व्यापार (Diamond Sector), बंदरगाह (Ports) और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के प्रमुख हितधारकों और उद्योगपतियों के साथ महत्वपूर्ण बातचीत करेंगे।
यह उच्चस्तरीय यात्रा मार्च 2025 में प्रिंसेस एस्ट्रिड के नेतृत्व में आए ‘बेल्जियम इकोनॉमिक मिशन’ की सफलता को और आगे बढ़ा रही है, जिससे भारत और बेल्जियम की बहुआयामी साझेदारी अधिक प्रगाढ़ होगी।











