कीव में जयशंकर: रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए ‘हर मदद’ को तैयार भारत
कीव से भारत का बड़ा शांति संदेश: ‘रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए हर संभव मदद को तैयार है भारत ‘
कीव (यूक्रेन) : संतोष सेठ की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN
रूस-यूक्रेन के बीच 2022 से जारी विनाशकारी युद्ध के बीच भारत ने शांति की दिशा में एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कीव पहुंचकर अपने यूक्रेनी समकक्ष आंद्री सिबिहा (Andrii Sybiha) के साथ व्यापक बातचीत की।
इस उच्चस्तरीय वार्ता के बाद भारत ने स्पष्ट किया कि वह इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए किसी भी तरह की मदद करने को पूरी तरह तैयार है।
‘युद्ध के मैदान से नहीं निकलेगा समाधान’
आंद्री सिबिहा के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जयशंकर ने भारत का रुख दोहराया।
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उन्होंने कहा, “भारत ने हमेशा यही कहा है कि यह दौर युद्ध का नहीं है और समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकलेंगे।”
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जयशंकर ने हाल ही में बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से की गई शांति अपील का भी जिक्र किया।
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जयशंकर ने जोर देकर कहा कि संघर्ष के हर गुजरते दिन का मतलब अधिक मौतें और तबाही है। समाधान दोनों पक्षों को ही निकालना है, लेकिन भारत कूटनीति के जरिए हर मदद को तैयार है।
यूक्रेन ने भारत को बताया ‘वैश्विक शक्ति’
यूक्रेन के विदेश मंत्री सिबिहा ने भारत के कूटनीतिक रुख की सराहना की। उन्होंने भारत को एक ‘वैश्विक शक्ति’ (Global Power) करार देते हुए कहा कि उनका देश प्रधानमंत्री मोदी की शांति की अपील का स्वागत करता है।
सिबिहा ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन इस अंतहीन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने और कूटनीति के लिए पूरी तरह तैयार है।
कीव हमले में भारतीय की मौत और वाणिज्यिक जहाजों पर चिंता
इस वार्ता के दौरान हालिया त्रासदियों पर भी गंभीर चर्चा हुई।
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भारतीय नागरिक की मौत: जयशंकर ने इसी हफ्ते कीव में हुए एक रूसी हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत पर गहरी चिंता और शोक व्यक्त किया।
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नाविकों की सुरक्षा: वार्ता में वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों का मुद्दा भी उठा। जयशंकर ने बताया कि कई देशों के झंडे वाले जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविक दुर्भाग्य से इन हमलों का निशाना बन रहे हैं, जो एक बड़ी चिंता का विषय है।
बैठक के अंत में, जयशंकर ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में यूक्रेनी विदेश मंत्री सिबिहा को अंतर-सरकारी आयोग की अगली बैठक के लिए भारत आने का आधिकारिक निमंत्रण दिया।











