अमेरिका-ईरान में ऐतिहासिक डील, खुल रहा होर्मुज स्ट्रेट: डोनाल्ड ट्रंप
🌎ग्लोबल मार्केट को बड़ी राहत: अमेरिका-ईरान में ऐतिहासिक शांति डील का दावा, ट्रंप बोले- ‘टोल-फ्री खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट, तेल बहने दो’
वाशिंगटन/तेहरान: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पिछले 107 दिनों से जारी भयंकर युद्ध और तनाव के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार (Energy Market) के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौता (Peace Deal) फाइनल हो गया है।
इस समझौते के तहत दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) को बिना किसी टोल टैक्स के दोबारा खोलने की मंजूरी दी गई है।
‘The Politics Again’ की इस विस्तृत रिपोर्ट में आइए जानते हैं ट्रंप के इस दावे की इनसाइड स्टोरी, क्रूड ऑयल पर इसका असर और ईरान का रुख:
📢 ट्रंप का बड़ा ऐलान: ‘दुनिया के जहाजों, इंजन चालू करो!’
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस महा-समझौते की घोषणा की।
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19 जून को होंगे दस्तखत: अधिकारियों के मुताबिक, इस शांति समझौते पर आगामी शुक्रवार यानी 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में आधिकारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे।
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नेवल ब्लॉकेड खत्म: ट्रंप ने पोस्ट में लिखा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है। मैं होर्मुज स्ट्रेट को टोल-फ्री खोलने की मंजूरी देता हूं और साथ ही, अमेरिकी नौसेना के ब्लॉकेड (नाकेबंदी) को तुरंत हटाने की भी मंजूरी देता हूं। दुनिया के जहाजों, अपने इंजन चालू करो। तेल बहने दो!”
🎂 ट्रंप के 80वें जन्मदिन पर ‘शांति’ का तोहफा, भारत को बड़ा फायदा
यह समझौता उस समय फाइनल हुआ है जब डोनाल्ड ट्रंप ने अपना 80वां जन्मदिन मनाया है। इसी हफ्ते अमेरिका ने ईरान के तेल हब ‘खार्ग आइलैंड’ पर कब्जे की धमकी दी थी, लेकिन डिप्लोमेसी के चलते युद्ध टल गया।
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भारत पर असर: पिछले 107 दिनों से बंद होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के कुल तेल सप्लाई का 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है।
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इसके खुलते ही भारत समेत दुनिया भर के देशों में कच्चे तेल की सप्लाई सुचारू होगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल (Crude Oil) काफी सस्ता हो जाएगा।
⚠️ हालांकि… ईरान ने साधी चुप्पी, पहले मांगी $24 बिलियन की रकम
भले ही ट्रंप इस डील को लेकर बेहद उत्साहित हैं, लेकिन ईरान की तरफ से इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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पुरानी कड़वाहट: इससे पहले भी जब ट्रंप ने सहमति का दावा किया था, तो ईरान ने उसे झूठा बताया था।
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ईरान की शर्त: ईरान का स्पष्ट कहना है कि ट्रंप पहले वादे के मुताबिक 24 बिलियन डॉलर का फंड रिलीज करें, उसके बाद ही डील पर कोई दस्तखत होंगे।
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मोजतबा खामेनेई इस समय ईरान के नए सुप्रीम लीडर हैं, लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद से वे जनता के सामने नहीं आए हैं।
⚛️ 60 दिनों में यूरेनियम पर होगी निर्णायक बातचीत
डील फाइनल होने से ठीक पहले, बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर इजरायल के हवाई हमलों से तनाव चरम पर पहुंच गया था।
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ट्रंप ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और ईरानी मध्यस्थों से बात कर नए हमलों को रोकने को कहा है।
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इस समझौते के तहत, दोनों देश अगले 60 दिनों के भीतर ईरान के न्यूक्लियर एनरिचमेंट (परमाणु संवर्धन) और उसके अत्यधिक एनरिच्ड यूरेनियम के निस्तारण (Disposal) पर गंभीर बातचीत शुरू करेंगे।
कैसे हुई यह डील?: यह गुप्त और महत्वपूर्ण बातचीत पाकिस्तान और कतर जैसे मध्यस्थ देशों के जरिए मुमकिन हो सकी है, जिन्होंने शुरुआत में 8 अप्रैल को दो हफ्ते का सीजफायर कराया था।
बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर भीषण हमला किया था, जिसमें ईरान ने अपने तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई टॉप कमांडर्स को खो दिया था। अब इस समझौते से पूरे मध्य पूर्व (Middle East) में शांति की नई उम्मीद जगी है।
नोट: अमेरिका-ईरान विवाद, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक सुरक्षा से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।










