हिमाचल संजौली मस्जिद : पूरी तरह गिराया जाएगा विवादित ढांचा

“शिमला की जिला अदालत ने संजौली मस्जिद विवाद में नगर निगम कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए पूरे विवादित ढांचे को गिराने का आदेश दिया है। अदालत ने वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी की अपीलों को खारिज करते हुए निर्माण को अवैध करार दिया”

शिमला 30 / 10 / २०२५ संतोष सेठ की रिपोर्ट 

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में स्थित संजौली मस्जिद विवाद मामले में जिला अदालत ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 3 मई 2025 को नगर निगम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को सही ठहराया है।

इसका मतलब यह है कि संजौली मस्जिद विवाद में जो विवादित ढांचा है, उसे ग्राउंड फ्लोर से लेकर टॉप फ्लोर तक पूरी तरह गिराया जाएगा। अदालत ने साफ कहा है कि यह निर्माण अवैध है और इसे पूरी तरह हटाना होगा।

यह फैसला वक्फ बोर्ड और संजौली मस्जिद कमेटी की अपीलों पर आया है, जिन्हें जिला अदालत ने खारिज कर दिया। दोनों पक्षों ने नगर निगम कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी, लेकिन जिला अदालत ने निगम कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।

देवभूमि संघर्ष समिति के वकील जगत पाल ने बताया कि नगर निगम की अदालत के फैसले के खिलाफ दायर दोनों अपीलों पर यजुवेंदर सिंह की अदालत में सुनवाई हुई और 6 महीने के भीतर दोनों अपीलें खारिज कर दी गईं। जगत पाल ने कहा कि अब विवादित ढांचे को पूरी तरह गिराया जाएगा, क्योंकि यह पूरी इमारत अवैध रूप से बनाई गई थी।

जगत पाल ने बताया कि यह इस मामले से जुड़ा चौथा फैसला है। पहला फैसला 5 अक्तूबर 2024 को आया था जिसमें तीसरी, चौथी और पांचवीं मंजिल गिराने के आदेश दिए गए थे। हालांकि तब तक नगर निगम ने कार्रवाई नहीं की थी।

इस फैसले को वक्फ बोर्ड ने जिला अदालत में चुनौती दी थी, लेकिन एक महीने के अंदर प्रवीण गर्ग ने याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद 3 मई 2025 को नगर निगम कोर्ट ने पूरे ढांचे को अवैध करार देते हुए गिराने का आदेश दिया था। अब जिला अदालत ने भी वही फैसला बरकरार रखा है।

देवभूमि संघर्ष समिति ने फैसले का किया स्वागत

देवभूमि संघर्ष समिति के सह-संयोजक विजय शर्मा ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह सनातन समाज की जीत है। उन्होंने कहा, ‘हम पूरे प्रदेश के सनातन समाज को बधाई देते हैं।

11 सितंबर 2024 को जब हमने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था, तब हम पर लाठियां चलाई गईं और वाटर कैनन का इस्तेमाल हुआ। आज का फैसला उस संघर्ष को सार्थक करता है। अब नगर निगम को बिना किसी देरी के विवादित ढांचे को गिराना चाहिए।’

फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी मस्जिद कमेटी

वहीं, संजौली मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ ने कहा कि अदालत के आदेश को पढ़ने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘हम इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।’

वहीं, देवभूमि संघर्ष समिति के एक अन्य सह-संयोजक मदन ठाकुर ने कहा कि अब सरकार को उन लोगों से माफी मांगनी चाहिए और शांतिपूर्ण संघर्ष के दौरान लोगों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक हिमाचल प्रदेश में वक्फ बोर्ड को खत्म नहीं किया जाता, समिति पीछे नहीं हटेगी। 

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