“देवभूमि हिमाचल प्रदेश में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। देवियों पर कहर बरप रहा है, महिलाएं हिंसा का शिकार हो रही हैं। प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध लगातार बढ़ रहा है”
सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्थिति लगातार बिगड़ रही है। अपहरण, छेड़छाड़ और ईव-टीजिंग जैसे अपराधों में भारी वृद्धि हुई है। हिमाचल पुलिस के आंकड़े ये संकेत दे रहे हैं कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध अब घर की चारदीवारी से निकलकर सडक़ों और सार्वजनिक स्थानों पर ज्यादा हो रहे हैं।
पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले दस वर्षों 2015 से 30 सितंबर, 2025 तक महिलाओं के खिलाफ अपराध में कुल मिलाकर करीब छह प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
2015 में कुल 1314 मामले दर्ज हुए थे, जो 2024 में बढक़र 1645 तक पहुंच गए। 2025 में नौ महीनों में ही 1401 मामले दर्ज हो चुके हैं, जो पिछले पूरे साल के मुकाबले सिर्फ 244 मामले कम हैं।
2025 पूरा होने पर यह संख्या और बढ़ेगी। 2020 के मुकाबले 2025 में महिलाओं के अपहरण मामलों में 66 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इमोरल ट्रैफिक एक्ट के तहत इस वर्ष प्रदेश में नौ मामले दर्ज किए गए हैं, 2020 में यह संख्या तीन थी।
ईव-टीजिंग के मामले दोगुने हो गए हैं। नौ महीनों में ही पिछले साल से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने नौ महीनों में ईव-टीजिंग के 111 मामले दर्ज किए हैं। प्रदेश में शिकायत को लेकर 409 महिलाएं पुलिस के पास पंहुची हैं।
2015 में 433 मामले 2024 में 496 मामले और 2025 के 9 महीनों में ही दर्ज 409 मामले इस आंकड़े में 14.5 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्शाते हैं। यह महिलाओं के खिलाफ सबसे अधिक दर्ज होने वाला अपराध बना हुआ है।
वहीं दहेज के लिए हत्या पिछले तीन सालों से शून्य है। 2015 में दो में दो मौतें दहेज के लिए हुई थीं। 2019 के बाद इसमें कमी दर्ज हुई है।
18 महिलाओं की हत्या, 20 ने किया सुसाइड
प्रदेश में 18 महिलाओं की नौ महीनों में हत्या हुई है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार 2015 में हर वर्ष 25 से 30 महिलाओं की हत्याएं दर्ज हुई हैं। 20 महिलाओं ने इन नौ महीनों में आत्महत्याएं की हैं। 2015 में 66 महिलाओं ने आत्महत्या की। 2018 में आंकड़ा बढ़ गया। इस वर्ष 68 महिलाओं ने आत्महत्या की थी।
306 महिलाओं के साथ दुराचार
प्रदेश में अब तक 306 महिलाओं के साथ दुष्कर्म हुआ है। यह वे महिलाएं हैं, जो पुलिस के पास पंहुची हैं। हालांकि कुछ मामले तो ऐसे भी हैं, जो पुलिस के पास पंहुचते तक नहीं।
पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं लगतार बढ़ती जा रही हैं। वर्ष 2015 में 244 मामले दर्ज हुए थे। 2018 में 345, 2022 में 358 मामले दर्ज हुए हैं।
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