पूर्वांचल / वाराणसी

नंदीग्राम चुनाव परिणाम: शुभेंदु अधिकारी की 10,200 वोटों से जीत

“बंगाल चुनाव परिणाम: नंदीग्राम में फिर चला शुभेंदु अधिकारी का जादू, TMC के पवित्र कर को 10,200 वोटों से दी करारी शिकस्त”

कोलकाता/नंदीग्राम: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जिस एक सीट पर पूरे देश की निगाहें टिकी थीं, वहां एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कमल खिला है।

पूर्वी मेदिनीपुर जिले की हाई-प्रोफाइल ‘नंदीग्राम’ सीट पर चले कड़े और बेहद प्रतिस्पर्धी राजनीतिक मुकाबले में भाजपा के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी ने अपनी बादशाहत कायम रखी है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पवित्र कर को 10,200 वोटों के भारी अंतर से हरा दिया है।

इस त्रिकोणीय मुकाबले में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के शांति गोपाल गिरि भी मैदान में थे, लेकिन मुख्य टक्कर भाजपा और टीएमसी के बीच ही सिमट कर रह गई।

जीत को लेकर पहले से ही आश्वस्त थे शुभेंदु अधिकारी

अपनी इस शानदार जीत के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि नंदीग्राम की जनता के रुझान को देखते हुए उन्हें अपनी जीत का पूरा भरोसा था।

उन्होंने इस जीत का श्रेय जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को देते हुए दावा किया कि राज्य में हिंदू वोट पूरी तरह से एकजुट हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप पश्चिम बंगाल में भाजपा स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ रही है।

2026 में कैसे राजनीतिक युद्धक्षेत्र बना नंदीग्राम?

नंदीग्राम हमेशा से ही पश्चिम बंगाल की राजनीति का ‘एपिसेंटर’ (केंद्र) रहा है। यह इलाका शुभेंदु अधिकारी का अभेद्य दुर्ग माना जाता है, जहां से वे 2016 से लगातार अजेय बने हुए हैं।

2021 के पिछले विधानसभा चुनाव में इस सीट का महत्व तब चरम पर पहुंच गया था, जब खुद मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने उनके खिलाफ ताल ठोक दी थी।

उस ऐतिहासिक मुकाबले में भी शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को करारी मात दी थी, जिसके परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री को बाद में भवानीपुर सीट से चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचना पड़ा था।

शुभेंदु अधिकारी बनाम पवित्र कर: वर्चस्व की लड़ाई

इस बार नंदीग्राम में पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता ने मौजूदा मुकाबले को और भी दमदार बना दिया था।

एक दौर था जब शुभेंदु अधिकारी टीएमसी के मुख्य रणनीतिकार थे और यह सीट टीएमसी का अभेद्य गढ़ हुआ करती थी।

लेकिन उनके भाजपा में शामिल होने के बाद से ही यहां की राजनीतिक हवा पूरी तरह बदल गई। टीएमसी ने 2021 की हार का बदला लेने और अपना पुराना दबदबा फिर से कायम करने के लिए इस बार पवित्र कर को मैदान में उतारा था।

हालांकि, नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी की जमीनी पकड़, उनके अभूतपूर्व कार्यों और मजबूत नेटवर्क ने टीएमसी की सभी रणनीतियों को विफल कर दिया और 2021 के बाद 2026 में भी यह सीट भाजपा की झोली में डाल दी।

Santosh SETH

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