हिमाचल प्रदेश : किन्नौर में फटा बादल, भूस्खलन से आनी में दो महिलाएं लापता
“हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर लगातार जारी है। लगातार जारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन, बाढ़ से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। जनजातीय जिले किन्नौर के लिप्पा में शुक्रवार सुबह बादल फटने के कारण व्यापक नुकसान की सूचना है”
किन्नौर 29 / 08 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
बादल फटने से आई बाढ़ में बगीचे बह गए। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम माैके के लिए रवाना हुई। बादल फटने के बाद दो लोग भी लापता थे लेकिन बाद में दोनों सुरक्षित मिल गए।
उधर, आनी के लोअर पटारना गांव में तीन मकान भूस्खलन की चपेट में आने से दो महिलाओं के लापता होने की सूचना है। भूस्खलन की चपेट में कुछ मवेशी भी आए हैं। राहत व बचाव कार्य जारी है।
आनी में रात से भारी बारिश हो रही है, जिससे अधिकतर ग्रामीण सड़कें भूस्खलन से ठप हो गई हैं। प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित की है। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन से कई मकान खतरे की जद पर पहुंच चुके हैं।
राज्य में शुक्रवार सुबह 10:00 बजे तक भूस्खलन से दो नेशनल हाईवे सहित 635 सड़कें बंद रहीं। 1,333 बिजली ट्रांसफार्मर व 524 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। मंडी, कुल्लू, चंबा व कांगड़ा जिले में सबसे अधिक सड़कें बंद हैं।
उधर, लगातार पांच दिनों से बंद पड़ा किरतपुर-मनाली फोरलेन आखिरकार शुक्रवार सुबह लगभग 11:00 बजे बहाल कर दिया गया। पंडोह डेम, कैंची मोड़ और बनाला के पास रास्ता खोलने के बाद अब बड़ी और छोटी गाड़ियों को निकाला जा रहा है।
गौरतलब है कि बीते दिनों दोनों जगह भूस्खलन के कारण हालात बेहद खराब थे। कैंची मोड़ पर फोरलेन का बड़ा हिस्सा धंस गया था और लगातार गिरते पत्थरों की वजह से बहाली कार्य शुरू करना जोखिम भरा साबित हो रहा था।
साथ ही बनाला के पास फोरलेन पर बड़ा भूस्खलन होने से आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई थी। बीती रात को भी बारिश के चलते फिर इन दोनों स्थानों पर पत्थर गिरे।
लेकिन जैसे ही सुबह मौसम ने थोड़ी राहत दी, प्रशासन और एनएचएआई की टीमों ने मलबा हटाने का काम शुरू किया और आखिरकार सुबह 11:00 बजे के करीब दोनों जगहों पर रास्ता खोल दिया गया।
फिलहाल सभी प्रकार के वाहनों को निकाला जा रहा है, लेकिन सावधानी और सुरक्षा निर्देशों का पालन अनिवार्य किया गया है। प्रशासन द्वारा मौके पर सुरक्षाकर्मी और मशीनें तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके।











