Delhi Police vs Himachal Police

शिमला में रातभर पुलिस का हाई-वोल्टेज ड्रामा: ‘अपहरण’ की FIR के बीच दिल्ली पुलिस को मिला ट्रांजिट रिमांड | The Politics Again

“शिमला में रातभर दिल्ली और हिमाचल पुलिस का हाई-वोल्टेज ड्रामा, ‘अपहरण’ की FIR के बीच ट्रांजिट रिमांड पर 3 आरोपियों को दिल्ली ले गई पुलिस”

शिमला (The Politics Again) : संतोष प्रजापति की रिपोर्ट 

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात दिल्ली पुलिस और हिमाचल पुलिस के बीच एक अभूतपूर्व कानूनी खींचतान और हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला।

‘एआई समिट’ (AI Summit) में अर्धनग्न (शर्टलेस) प्रदर्शन करने और हंगामा करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने यूथ कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को शिमला से गिरफ्तार किया।

हालांकि, स्थानीय पुलिस को बिना सूचना दिए की गई इस कार्रवाई पर हिमाचल पुलिस ने ‘अपहरण’ का केस दर्ज कर लिया, जिसके बाद मामला पूरी तरह से गरमा गया।

कौन हैं आरोपी और क्या है मामला?

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सौरभ सिंह, अरबाज खान और सिद्धार्थ के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं।

ये तीनों रोहड़ू उपमंडल के चिडग़ांव इलाके के मांडली स्थित ‘चांशल कैंप रिसॉर्ट’ में ठहरे हुए थे। आरोप है कि ये एआई समिट में हुए हंगामे के मामले में वांछित थे।

सादे कपड़ों में आई दिल्ली पुलिस, हिमाचल पुलिस ने दर्ज की अपहरण की FIR

विवाद की शुरुआत बुधवार तड़के हुई। शिकायतकर्ता संदीप रंजन ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी कि 15-20 लोग सादे कपड़ों में आए और रिसॉर्ट से तीन मेहमानों को जबरन अपने साथ ले गए। वे साथ में सीसीटीवी का डीवीआर और एक थार गाड़ी भी ले गए।

हिमाचल पुलिस का कहना है कि अंतरराज्यीय पुलिस कार्रवाई के नियमों के तहत स्थानीय पुलिस को पहले सूचना देना अनिवार्य होता है, जो इस मामले में नहीं दी गई।

इसी आधार पर थाना चिडग़ांव में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3), 329(4), 127(2) और 190 के तहत केस दर्ज किया गया।

बैरियर पर रोके गए वाहन और रातभर चली कानूनी प्रक्रिया

अपहरण का केस दर्ज होने के बाद शिमला पुलिस एक्शन में आ गई और कंडाघाट व शोघी बैरियर पर दिल्ली पुलिस के वाहनों को रोक लिया।

इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस और तीनों युवकों को जिला न्यायालय चक्कर, शिमला लाया गया।

दिल्ली पुलिस ने आधी रात करीब 1 बजे तीनों नामजद आरोपियों को एसीजेएम (ACJM) शिमला की अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें विधिवत रूप से ट्रांजिट रिमांड मिल गया।

दिल्ली पुलिस के वकील नंद लाल ठाकुर ने स्पष्ट किया कि अदालत से विधिसम्मत तरीके से रिमांड प्राप्त किया गया है।

सुबह 6 बजे दिल्ली रवाना हुई टीम

ट्रांजिट रिमांड मिलने के बावजूद जिला पुलिस ने औपचारिकताएं पूरी करने के नाम पर दिल्ली पुलिस के वाहनों को गुरुवार सुबह लगभग 5:55 बजे तक रोके रखा।

अंततः सुबह 6 बजे दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को अपने साथ लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गई। उधर, बालूगंज पुलिस ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में एक निजी शिकायत भी दायर की है, जिस पर अगली सुनवाई होगी।