हरियाणा/पंचकूला : DRDO का हाई-पावर बम टेस्ट, 31 मई को रहें अलर्ट
पंचकूला में DRDO करेगा ‘हाई-पावर बम’ का महा-परीक्षण : 2 KM तक गिरेगी आग, रामगढ़ समेत कई गांवों के लिए हाई-अलर्ट जारी”
पंचकूला/चंडीगढ़: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
हरियाणा के पंचकूला ज़िले में 31 मई को एक बड़ा और अहम रक्षा परीक्षण होने जा रहा है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) रामगढ़ रेंज के पास अपनी सुविधा केंद्र में एक ‘हाई-पावर बम’ (High-Power Bomb) का ट्रायल करने की तैयारी कर रहा है।
इस महा-परीक्षण को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आसपास के गांवों के निवासियों के लिए हाई-अलर्ट और सुरक्षा सलाह (Advisory) जारी की है, जिसमें लोगों से 31 मई को घरों के अंदर ही रहने की अपील की गई है।
यह अति-महत्वपूर्ण परीक्षण DRDO की प्रमुख प्रयोगशाला टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) द्वारा किया जाएगा, जो गोला-बारूद, विस्फोटक और अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों के परीक्षण में विशेषज्ञता रखती है।
1.5 किलोमीटर तक उड़ेंगे बम के टुकड़े, 2 KM का ‘डेंजर जोन’ घोषित
DRDO के वैज्ञानिकों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह बम धमाका इतना ज़ोरदार और शक्तिशाली होगा कि इसके टुकड़े (Splinters) हवा में 1.5 किलोमीटर दूर तक जा सकते हैं।
-
स्प्लिंटर डेंजर ज़ोन: किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए अधिकारियों ने धमाके वाली जगह के लगभग 2 किलोमीटर के दायरे को ‘टुकड़ों से होने वाले ख़तरे वाला इलाका’ (Splinter Danger Zone) घोषित कर दिया है।
-
कड़ी निगरानी: परीक्षण के दौरान प्रतिबंधित इलाकों में प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी और चप्पे-चप्पे पर कड़ी नज़र रखी जाएगी ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इन गांवों के निवासियों को घर में रहने की सलाह
TBRL के टेक्नोलॉजी डायरेक्टर सी. सरकार ने पंचकूला के उपायुक्त (DC) को विशेष संदेश भेजकर आसपास के समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। प्रशासन ने जिन इलाकों के लिए विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी है, उनमें शामिल हैं:
-
भानु
-
बिल्ला
-
असरेवाली
-
नग्गल
-
मोगीनंद
-
किशनगढ़
-
TMV कॉलोनी
-
रामगढ़ नगर परिषद के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र
इन सभी इलाकों के लोगों से आग्रह किया गया है कि वे निर्धारित टेस्टिंग समय के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
वायु सेना (IAF) के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे निगरानी
यह पूरी टेस्टिंग प्रक्रिया कड़े सुरक्षा नियमों और प्रोटोकॉल के तहत की जाएगी। भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के वरिष्ठ अधिकारी खुद इस ट्रायल की निगरानी करेंगे।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं कि यह ट्रायल पूरी तरह सुरक्षित माहौल में हो।
प्रशासन की अपील: घबराएं नहीं, अफवाहों पर ध्यान न दें प्रशासन ने ज़ोर देकर कहा है कि यह अभ्यास भारतीय रक्षा प्रणाली से जुड़ा एक ‘नियमित टेस्ट’ है, इसलिए इसमें आम जनता को घबराने या पैनिक करने की कोई बात नहीं है।
निवासियों से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी प्रकार की अफ़वाहों (Rumors) पर ध्यान न दें और अधिकारियों द्वारा जारी सभी सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।











