गुजरात के वलसाड और नवसारी में भारी बारिश के बाद नावों से लोगों का रेस्क्यू करती NDRF की टीम

गुजरात मानसून : 22000 लोग शिफ्ट, PM मोदी ने दिया मदद का भरोसा

गुजरात में आफत की बारिश: 36 घंटे में 1200mm बरसा पानी, 22 हजार लोग शिफ्ट; PM मोदी और अमित शाह ने दिया मदद का भरोसा”

अहमदाबाद/गांधीनगर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

गुजरात, खासकर दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश अब तबाही का रूप ले चुकी है। मूसलाधार बारिश के चलते वलसाड, नवसारी और सूरत समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।

 

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने केंद्र सरकार से मदद मांगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से फोन पर बात कर हालात का जायजा लिया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।

लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और राज्य में 1,200 से अधिक सड़कें बंद कर दी गई हैं।

उमरगांव में टूटे रिकॉर्ड, 22,000 लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट

गांधीनगर स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, बारिश से सबसे ज्यादा तबाही नवसारी और वलसाड जिलों में हुई है।

  • वलसाड जिले के उमरगांव तालुका में 36 घंटों के भीतर रिकॉर्ड 1,200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है। नवसारी के चिखली और खेरगाम में भी क्रमशः 800 और 650 मिमी बारिश हुई।

  • राहत आयुक्त गौरांग मकवाणा ने बताया कि उफनती नदियों और जलभराव के बीच फंसे 1,200 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।

  • वलसाड से 12,000 और नवसारी से 10,000 से अधिक (कुल 22,000 से ज्यादा) लोगों को सुरक्षित स्थानों और आश्रय गृहों में पहुंचाया गया है।

बचाव में उतरी सेना, NDRF को ओडिशा से किया जा रहा एयरलिफ्ट

बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। वलसाड और नवसारी में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की कई टीमें नावों के साथ तैनात हैं।

हालात को काबू में करने के लिए सेना की दो टुकड़ियों को भी मोर्चे पर लगाया गया है। इसके अलावा, ओडिशा से विशेष विमान के जरिए NDRF की 4 और टीमें गुजरात भेजी जा रही हैं।

सूरत में अग्निशमन विभाग ने पांडेसरा इलाके से नावों के जरिए 40 निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला है।

1200 सड़कें बंद, बिजली गुल और ट्रेनें रद्द

भारी बारिश का असर सीधे तौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर पर पड़ा है।

  • जलभराव के कारण 4 नेशनल हाईवे और 3 स्टेट हाईवे समेत कुल 1,200 से अधिक सड़कें बंद कर दी गई हैं।

  • दक्षिण गुजरात में 35 से अधिक बिजली सब-स्टेशन ठप हो गए हैं, जिससे कई गांव अंधेरे में डूब गए हैं।

  • रेल पटरियों पर पानी भरने से मुंबई जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है या बीच रास्ते में रोक दिया गया है।

  • एहतियात के तौर पर शुक्रवार को सभी प्रभावित जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद रखने की घोषणा की गई है।

अहमदाबाद में जलभराव, मौसम विभाग का ‘रेड अलर्ट’

दक्षिण गुजरात के अलावा अहमदाबाद, खेड़ा, तापी और डांग में भी भारी बारिश जारी है। अहमदाबाद के ढोलका में 12 घंटों में 339 मिमी बारिश दर्ज की गई,

जिससे शहर की कई पॉश सोसायटियों और सड़कों पर पानी भर गया। लोग लंबे ट्रैफिक जाम में फंसे रहे।

IMD का अलर्ट: मौसम विभाग ने शुक्रवार तक भरूच, सूरत, नवसारी, वलसाड, डांग, नर्मदा, वडोदरा, छोटा उदयपुर, पंचमहल और दाहोद जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।

वहीं, अहमदाबाद, गांधीनगर, आणंद और खेड़ा के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।