The Government of India is heavily promoting sustainable agriculture, micro-irrigation, and organic farming to ensure long-term growth and high yields for farmers.
सरकार का सतत कृषि पर जोर: जैविक खेती, सिंचाई और मृदा स्वास्थ्य योजनाओं से बदल रही किसानों की किस्मत”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
मृदा स्वास्थ्य, भूजल की कमी और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए भारत सरकार ‘सतत कृषि पद्धतियों’ (Sustainable Agriculture) को तेजी से बढ़ावा दे रही है।
कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में थिरु डॉ. एस. जगतरक्षकन के सवालों का जवाब देते हुए सरकार की विभिन्न योजनाओं, उपलब्धियों और नीति आयोग की मूल्यांकन रिपोर्ट का विस्तृत ब्यौरा पेश किया।
उन्होंने बताया कि इन प्रयासों से न केवल खेती की लागत कम हुई है, बल्कि उत्पादन में भी रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
नीति आयोग के मूल्यांकन के अनुसार, इन योजनाओं का जमीन पर व्यापक असर दिखा है। 90.1% किसानों ने प्राकृतिक खेती से लागत में कमी की बात मानी है, जबकि 75.85% ने जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरता में सुधार देखा है।
कृषि मंत्री ने बताया कि इन सतत प्रयासों के कारण कृषि क्षेत्र ने जलवायु चुनौतियों के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया है।
जहाँ वर्ष 2014-15 में खाद्यान्न उत्पादन 252.03 मिलियन टन था, वह 2024-25 में बढ़कर रिकॉर्ड 357.73 मिलियन टन हो गया है।
इसी तरह बागवानी उत्पादन भी 280.98 मिलियन टन से बढ़कर 370.73 मिलियन टन तक पहुँच गया है।
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