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डिजिटल सामान्य फसल अनुमान सर्वेक्षण के फायदे और विस्तार की जानकारी

कृषि क्षेत्र में क्रांति: एआई, ड्रोन और डिजिटल तकनीक से बदल रही खेती की तस्वीर, सरकार ने दी जानकारी”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

भारत का कृषि क्षेत्र अब केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह एक बहु-विषयक (मल्टी-डिसिप्लिनरी) और हाई-टेक क्षेत्र बन गया है।

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में श्री वी. के. श्रीकंदन के सवालों का जवाब देते हुए कृषि प्रौद्योगिकी (एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी) में हो रही शानदार प्रगति और सरकारी पहलों का विस्तृत ब्यौरा दिया।

उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), रोबोटिक्स और डेटा साइंस जैसी आधुनिक तकनीकें भारतीय कृषि की तस्वीर बदल रही हैं।

मशीनीकरण और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा

सरकार ‘राष्ट्रीय कृषि विकास योजना’ (RKVY) के अंतर्गत ‘कृषि मशीनीकरण उप-मिशन’ (SMAM) के जरिए खेती को आधुनिक बना रही है।

किसानों को कृषि मशीनरी, उपकरण और विशेष रूप से ‘कृषि ड्रोन’ खरीदने के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है।

ड्रोन के इस्तेमाल से कीटनाशकों और पोषक तत्वों का छिड़काव आसान हुआ है, जिससे लागत घटी है और दक्षता बढ़ी है। छोटे किसानों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) और हाई-टेक हब बनाए जा रहे हैं।

डिजिटल कृषि और एग्रीस्टैक (AgriStack)

डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा डिजिटल सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।

‘एग्रीस्टैक’ के तहत एक पारदर्शी ‘किसान रजिस्ट्री’ बनाई गई है, जिसमें 6 अगस्त 2026 तक 10.33 करोड़ से अधिक किसान आईडी तैयार की जा चुकी हैं।

इसका उद्देश्य पीएम-किसान और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना है।

इसके साथ ही, खरीफ 2025 में 604 जिलों के 28.5 करोड़ से अधिक भूखंडों का ‘डिजिटल फसल सर्वेक्षण’ (DCS) किया गया है, जिससे सटीक उपज अनुमान लगाने में मदद मिल रही है।

एआई आधारित ‘भारत विस्तार’ प्लेटफॉर्म

किसानों की हर समस्या का समाधान करने के लिए एआई (AI) संचालित बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘भारत विस्तार’ शुरू किया गया है।

यह प्लेटफॉर्म किसानों को वास्तविक समय में स्थान-विशिष्ट सलाह दे रहा है। अब तक इसने 5.9 लाख से अधिक किसानों की मदद की है और 93 लाख से अधिक सवालों का समाधान किया है।

बागवानी मशीनीकरण और बहु-विषयक कृषि

बागवानी फसलों की कटाई में यंत्रीकरण की चुनौती से निपटने के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) और ICAR द्वारा फसल-विशिष्ट उपकरण विकसित किए जा रहे हैं।

कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि कृषि अब पूरी तरह से बहु-विषयक क्षेत्र बन गया है, जहां मैकेनिकल, ऑटोमेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटिंग इंजीनियर मिलकर इंटेलिजेंट मशीनरी, स्वायत्त उपकरण और स्मार्ट कृषि प्रबंधन को साकार कर रहे हैं।

Santosh SETH

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